Saturday, April 18, 2026
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देशभक्ति रचना -घर घर तिरंगा हर घर तिरंगा- कवि महेश पंचोली 

घर घर तिरंगा हर घर तिरंगा

नमन करुं छूं वानै जानै आजादी

दिलाई छै

आजादी के खातिर जानै अपणी जान गंवाई छै

छोड्या छै परिवार जानै छोड्या बाप अर माई छै

देश क खातर जानै भाया हँस कै फांसी खाई छै

झुक्या कोईनै दुश्मण सूं वांनै पाछी धूल चटाई छै

नमन करुं छूं…

कांई चुकैगो रे वांको कर्जों ईं जन्म में भाया

दुश्मन की सीमा में घुस कै तिरंगा घणा लहराया

लोठा लोठा वीर हुया वानै‌ छा अंग्रेज भगाया

अजी वांका ही दम पे देखो आजादी आपां पाया

आपणा भारत की धरती देखो फेर मुस्काई छै

नमन करुं छूं…..

राजगुरु सुखदेव भगत सिंह अर शेखर आजाद

झांसी रानी सुभाष बोस राणा नै करल्यां याद

शिवाजी गांधी तिलक नेहरु बल्लभ भाई पटेल

दुश्मन सूं चणा चबवाया नांका कसदी नकेल

बड़ी बड़ी सेना भी दुश्मन की घणी घबराई छै

नमन करुं छूं…

तांत्या टोपे मंगल पांडे असफाक उल्ला,दादा नोरोजी

विपिन चन्द्र गोखले सूँ घबराया छा अंग्रैजा का फौजी

राणा सांगा,नाना साहेब ,लाल बहादूर अर हेडगवार

नायडू अम्बेडकर कर्या साथ घणा नै दुश्मण तार तार

संदा नै मलकै ही तो दुश्मण पे फतेह पाई छै

नमन करुं छूं…

अब आपणी जिम्मैदारी छै आजादी बचाबा की

देश के आड़ी तिरछो झांकै ऊनै धूल चटाबा की

सीनों ताण खड्या फोजी छै कोनै जरोत घबराबा की

आपां तो तैयारी करल्यो तिरंगो घर घर फहराबा की

संदा देशां मं शान बढ़ारी देखो आपणी भारत माई छै

नमन करुं छूं…

जय हिन्द जय भारत वन्दै मातरम

महेश पंचोली कवि

‌‌9462014354

 

 

 

 

 

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