कोटा/ 28 सितंबर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, वोट चोरी और लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा सोमवार को जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर धरना-प्रदर्शन आयोजित कर चुनाव आयोग का घेराव किया गया।
इस दौरान कोटा से महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं और लोकतंत्र की रक्षा एवं निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा निर्वाचन आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। साथ ही मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाताओं के नाम हटाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया तथा फॉर्म-6 से संबंधित कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
शालिनी गौतम ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता के मताधिकार में निहित है। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता का विश्वास कायम रखना आवश्यक है। यदि मतदाता सूची या चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा विषय है। निर्वाचन आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान राजस्थान के नगर निकाय चुनावों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने तथा पुलिस-प्रशासन और धनबल के कथित दुरुपयोग के जरिए कांग्रेस एवं निर्दलीय पार्षदों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर मतदाता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।





