राष्ट्र भाषा हिंदी को समर्पित रही साहित्य साधक मंच की 230 वीं काव्य गोष्ठी :हिंदी सेवियों का हुआ सम्मान
कोटा/बेंगलुरु की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था साहित्य साधक मंच का 230 वां सारस्वत कार्यक्रम अमेरिका से प्रकाशित होने वाली साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका विश्वा के संपादक रमेश जोशी की अध्यक्षता एवं कोटा के वरिष्ठ लघुकथाकार विजय कुमार शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। वरिष्ठ हिंदी प्राध्यापक एवं साहित्यकार डॉ रणजीत,विंग कमांडर नारायण प्रसाद और वरिष्ठ ग़ज़लकार सुनील कुमार तंग ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में मंच को सुशोभित किया। पद्मा श्रीनिवासन वसुधा द्वारा प्रस्तुत माँ शारदे की वंदना के उपरांत अतिथियों का सम्मान अंग वस्त्र एवं पुष्प गुच्छ भेंटकर किया गया। हिंदी माह सितम्बर के महत्व को रेखांकित करते हुए हिंदी के क्षेत्र में अपूर्व योगदान देने के लिए प्रमुख हिंदी सेवी डॉ. कविता पनिया,राधेश्याम यादव सुदर्शन,ईश्वर चंद्र मिश्र और डॉ मृदुला सिंह चौहान एवं कन्नड़ कवि बापू गौड़ा पाटिल को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में मंच द्वारा अहिंदी भाषी क्षेत्र कर्नाटक में विगत 19 वर्षों से किये जा रहे साहित्यिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि “यह सचमुच अनुकरणीय एवं श्लाघनीय है। आज प्रस्तुत कविताओं में सौंदर्य के साथ संवेदना, कल्पना के साथ यथार्थ और भावनाओं के साथ सामाजिक सरोकार भी दिखाई दिए। सच कहूँ तो आज यहाँ आकर मुझे ऐसा लगा जैसे मैं किसी औपचारिक कार्यक्रम में नहीं, बल्कि अपने ही साहित्यिक परिवार के बीच बैठा हूँ। इस आत्मीय वातावरण ने मुझे इतना प्रभावित किया है कि मैं इस साहित्यिक मंच के आयोजनों में बार-बार आना चाहूँगा और इस परिवार का हिस्सा बनकर साहित्यिक यात्रा में अपना योगदान देना चाहूँगा।” इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में रचनाकारों ने राष्ट्रभाषा हिंदी पर केंद्रित अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करके काव्य गोष्ठी को अभूतपूर्व ऊंचाई प्रदान किया। काव्य गोष्ठी में प्रमुख रूप से रमेश जोशी,विजय कुमार शर्मा,विंग कमांडर नारायण प्रसाद,डॉ रणजीत, सुनील कुमार तंग,मृदुला चौहान,भूपेंद्र सिंह कटाक्ष,नारायण सिंह,उमा नाग उर्मि,अनीता निहलानी, सुधा अहलूवालिया,राधेश्याम यादव सुदर्शन,त्रिलोकी मोहन पुरोहित,स्वीटी सिंघल सखी, मंजू वेंकट,रचना उनियाल, गीता चौबे गूंज,रघुबीर अग्रवाल बंधू ,ज्योति तिवारी ज्योति,ब्रजेन्द्र मिश्रा ज्ञासु, दर्शन बेज़ार,ईश्वर चंद्र मिश्र,डॉ कविता पनिया,संतोष भाऊवाला,नीलम अग्रवाल रत्न,प्रभात रंजन,बापू गौड़ा पाटिल,अंजू भारती,पहाड़ सिंह, ज्ञानचंद मर्मज्ञ, पद्मा श्रीनिवासन वसुधा और दीपक कुलकर्णी ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मन्त्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के उपरांत स्वादिष्ट जलपान की व्यवस्था त्रिलोकी मोहन पुरोहित के सौजन्य से की गई। इस अवसर पर डॉ नित्या नन्द झा,अराधना शर्मा,लक्ष्य शर्मा,मधुलिका,प्रियांक,एम सी निहलानी,शरद सिंह के अलावा बड़ी संख्या में काव्य प्रेमी उपस्थित थे। संस्था द्वारा 20 दिसम्बर 2026 को प्रस्तावित19 वें स्थापना दिवस समारोह के लिए डॉ मृदुला चौहान द्वारा संस्था को 25 हज़ार रूपये की सहयोग राशि भेंट की गयी।
संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन मंच के अध्यक्ष ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने किया।





