‘गुरुजी’ मैदान में सोते मिले! नशे की हालत में कार्यवाहक प्रधानाध्यापक मिलने का आरोप, वीडियो वायरल
केकड़ी। केकड़ी सदर थाना क्षेत्र की मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत के उंदरी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के कथित रूप से शराब के नशे में विद्यालय पहुंचने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में भी मामला चर्चा का विषय बन गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, कार्यवाहक प्रधानाध्यापक भीमाराम विद्यालय समय के दौरान कथित तौर पर नशे की हालत में स्कूल पहुंचे। आरोप है कि उनकी हालत इतनी खराब थी कि वे विद्यालय के खेल मैदान में घास पर ही सो गए। जब ग्रामीणों और विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष को इसकी जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक को जगाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि उन्हें उठाने के साथ-साथ चेहरे और सिर पर पानी भी डाला गया, लेकिन काफी देर तक उनकी स्थिति सामान्य नहीं हुई। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय समय में शिक्षक का इस तरह कथित नशे की हालत में विद्यालय पहुंचना गंभीर लापरवाही है। उनका कहना है कि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई और अनुशासन की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है। ऐसे मामले से न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, बल्कि विद्यालय और शिक्षा व्यवस्था की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
मामले की जानकारी ग्रामीणों द्वारा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दी गई और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए
अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सावर गणपत लाल मीणा ने बताया कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय उंदरी में एक शिक्षक के नशे की हालत में विद्यालय आने की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मीणों का नयागांव तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पारा के प्रधानाचार्यों को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अधिकारी के अनुसार, जांच अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिक्षक विद्यालय में किस स्थिति में पहुंचे थे और उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई बनती है।
सवाल यह है कि जब विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई चल रही हो, उस दौरान शिक्षक के कथित रूप से नशे की हालत में मिलने जैसी घटना को शिक्षा व्यवस्था के लिए कितना गंभीर माना जाना चाहिए?






