Sunday, August 9, 2026
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जयपुर की पुश्तैनी हवेली में निकला ‘खजाना’, मजदूरों ने बांट ली चांदी; पुलिस ने 66.400 किलो बरामद की

जयपुर। परकोटे के त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता में एक पुरानी पुश्तैनी हवेली की तोड़ाई के दौरान कथित तौर पर मिले खजाने ने सनसनी फैला दी है। हवेली मालिक को बताए बिना चांदी की सिल्लियां और पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांटने के आरोप में माणकचौक थाना पुलिस ने ठेकेदार समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला भवन नंबर 630 की पुश्तैनी हवेली से जुड़ा है। हवेली को तोड़कर नया निर्माण कराने के लिए परिवार की ओर से डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से एग्रीमेंट किया गया था। हवेली तोड़ने का काम मंडी खटीकान क्षेत्र निवासी महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक निर्माण या तोड़ाई के दौरान कोई मूल्यवान वस्तु मिलने पर उसे हवेली मालिक को सौंपना था।

तोड़ाई के दौरान मिली चांदी और पुराने सिक्के

परिवादी बापू नगर निवासी राहुल सेठी ने 15 जुलाई को माणकचौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि हवेली की तोड़ाई के दौरान बड़ी मात्रा में चांदी की सिल्लियां, पुराने चांदी के सिक्के और सोने के सिक्कों से भरे स्वर्ण कलश मिले थे, लेकिन ठेकेदार और मजदूरों ने इसकी जानकारी परिवार को नहीं दी।

शिकायत के मुताबिक कथित तौर पर 15 चांदी की सिल्लियां, 14-15 स्वर्ण कलशों में सोने के सिक्के और करीब 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई थी। हालांकि, पुलिस की अब तक की कार्रवाई में 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद हुई है। सोने के सिक्कों और बाकी कथित खजाने की बरामदगी को लेकर जांच जारी है।

मजदूर की सूचना से खुला मामला

बताया गया कि हवेली की तोड़ाई में शामिल एक मजदूर ने बाद में मालिक पक्ष को कथित खजाने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने मामले की पड़ताल शुरू की और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

परिवादी ने पुलिस को दो वीडियो भी उपलब्ध कराए थे। दावा किया गया कि इन वीडियो में आरोपियों द्वारा हवेली में मिली संपत्ति का जिक्र किया गया है। वीडियो को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपे जाने की बात भी सामने आई है।

अचानक बदल गई आरोपियों की जिंदगी

पुलिस जांच के दौरान आरोपियों की बदली हुई जीवनशैली भी जांच का अहम आधार बनी। पुलिस के अनुसार, जिन लोगों की आमदनी पहले मजदूरी और छोटे-मोटे कामों तक सीमित थी, वे अचानक काफी पैसा खर्च करने लगे।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी महेश मल्होत्रा ने नया ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन खरीद ली। इसके अलावा आरोपियों के अचानक महंगी पार्टियां करने और अधिक खर्च करने की जानकारी भी पुलिस को मिली। पुलिस ने कुछ समय तक आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।

संदेह गहराने के बाद पुलिस ने आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने हवेली की तोड़ाई के दौरान चांदी और पुराने सिक्के मिलने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद की।

ठेकेदार ने रख लीं सिल्लियां, सिक्के मजदूरों में बांटे

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी महेश मल्होत्रा ने कथित तौर पर बताया कि हवेली से करीब 1500 चांदी के सिक्के मिले थे। उसके अनुसार चांदी की सिल्लियां उसने अपने पास रख लीं, जबकि सिक्कों को मजदूरों के बीच बांट दिया गया।

पुलिस के मुताबिक मजदूरों को करीब 250-250 चांदी के सिक्के दिए गए। खजाना मिलने के बाद महेश द्वारा नया ट्रैक्टर और जेसीबी खरीदने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।

सिक्के बेचकर मजदूर ने बेटी की शादी की

मामले में गिरफ्तार जगदीश राजोरिया से पूछताछ में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, हवेली की खुदाई के दौरान उसके हिस्से में भी पुराने चांदी के सिक्के आए थे।

आरोप है कि जगदीश ने इन सिक्कों को बेचकर प्राप्त रकम से अपनी बेटी की शादी की। पुलिस के मुताबिक शादी में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए। इलाके में शादी की चर्चा भी हुई थी। अब पुलिस उस ज्वैलर की तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर ये पुराने सिक्के खरीदे थे।

पांच आरोपी गिरफ्तार, बाकी खजाने की तलाश जारी

माणकचौक थाना पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू, जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खिंची उर्फ पप्पू, रजनी मल्होत्रा और अनुज अरोड़ा शामिल हैं।

पुलिस की कार्रवाई में अब तक 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद की गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हवेली से कथित तौर पर मिली बाकी चांदी, पुराने सिक्के और सोने के सिक्के कहां गए। साथ ही उन लोगों की भी तलाश की जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर पुराने सिक्के खरीदे या उन्हें बेचने में मदद की।

खजाना कितना था, इसका जवाब जांच में मिलेगा

हवेली से कथित तौर पर मिले खजाने को लेकर कई तरह के दावे सामने आए हैं। शिकायत में बड़ी मात्रा में चांदी, पुराने सिक्कों और सोने के सिक्कों से भरे कलश का जिक्र है, जबकि पुलिस की कार्रवाई में फिलहाल 66.400 किलो चांदी की बरामदगी हुई है।

ऐसे में कथित खजाने की वास्तविक मात्रा और उसमें सोने की मौजूदगी की पुष्टि पुलिस की आगे की जांच और बरामदगी के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब बरामद चांदी के स्रोत, पुराने सिक्कों की बिक्री और बाकी आरोपियों से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।

फिलहाल जयपुर के परकोटे की इस पुरानी हवेली से निकले कथित खजाने ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—अगर तोड़ाई के दौरान वास्तव में इतनी बड़ी मात्रा में पुरानी संपत्ति मिली थी, तो उसका बाकी हिस्सा आखिर कहां गया? इसका जवाब पुलिस की आगामी जांच में सामने आने की उम्मीद है।

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