गड़गच मंदिर, गणेश मंदिर सहित प्राचीन स्थलों का किया निरीक्षण, विरासत पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा
बारां। अटरू तहसील मुख्यालय एवं आसपास का क्षेत्र प्राचीन ऐतिहासिक, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। यहां बिखरी पुरा-संपदाओं के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण की आवश्यकता को लेकर इंटेक बारां चैप्टर के पदाधिकारियों ने क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया।
इंटैक बारां चैप्टर की एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन विष्णु कुमार साबू, कन्वीनर जितेन्द्र कुमार शर्मा, अन्य सदस्यों एवं पुरा-अन्वेषी राकेश शर्मा ने ऐतिहासिक गड़गच मंदिर, गणेश मंदिर सहित अन्य प्राचीन पुरा-संपदाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान मंदिरों की स्थापत्य कला, शिल्प, प्राचीन अवशेषों और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं का बारीकी से अध्ययन किया गया।
विष्णु कुमार साबू ने कहा कि अटरू क्षेत्र में मौजूद ये धरोहरें हाड़ौती की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण पहचान हैं। समय रहते इनका संरक्षण नहीं किया गया तो प्राकृतिक क्षरण और उपेक्षा के कारण महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं।
जितेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि धरोहरें केवल पत्थरों और पुराने स्थापत्य का समूह नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास और पहचान की जीवंत स्मृतियां हैं। अटरू क्षेत्र की पुरा-संपदा का व्यापक सर्वेक्षण कर उनका फोटोग्राफिक एवं लिखित दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुरातत्व विशेषज्ञों, इतिहासकारों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से इन धरोहरों को संरक्षित किया जा सकता है। संरक्षण के साथ अटरू की ऐतिहासिक विरासत को हाड़ौती के विरासत पर्यटन सर्किट से जोड़कर क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार की संभावनाएं भी विकसित की जा सकती हैं।
इंटेक बारां चैप्टर ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास मौजूद प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों, शिलालेखों, बावड़ियों एवं अन्य पुरा-अवशेषों की जानकारी साझा करें, ताकि उनका सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण कर संरक्षण की दिशा में आवश्यक पहल की जा सके।






