बून्दी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, बून्दी (जिला ग्रामीण एवं नगर) द्वारा सोमवार को आदर्श विद्या मंदिर, लाल कोठी, बून्दी में गुरु पूर्णिमा उत्सव एवं नव कार्यकारिणी विस्तार समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के जिला अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध साहित्यकार देवकी दर्पण ने की, जबकि मुख्य मार्गदर्शन अखिल भारतीय साहित्य परिषद, कोटा संभाग के सह प्रमुख श्री राजेन्द्र मोरपा ने प्रदान किया।
अपने उद्बोधन में श्री मोरपा ने महर्षि वेदव्यास का स्मरण करते हुए चारों वेद एवं अठारह पुराणों की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा उन्हें समस्त गुरु परंपरा के आदर्श के रूप में नमन किया। उन्होंने कहा कि “परोपकार सबसे बड़ा पुण्य है तथा दूसरों को पीड़ा पहुँचाना सबसे बड़ा पाप है।” उन्होंने साहित्यकारों का आह्वान किया कि वे अपने लेखन एवं आचरण के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का संवर्धन करें।
बून्दी परिषद अध्यक्ष देवकी दर्पण ने अपने उद्बोधन मे गद्य व पद्य की अलग अलग सम्पूर्ण विधाओं के साहित्यकारों से आग्रह किया कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर लोककल्याण हित परिषद दृष्टि से साहित्य सृजन कर राष्ट्र चेतना के स्वर भरते रहे।
कार्यक्रम में गुरु पूर्णिमा के महत्व पर विचार-विमर्श के साथ नव कार्यकारिणी के विस्तार की घोषणा भी की गई। उपस्थित साहित्यकारों ने गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए साहित्य एवं समाज सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारणी सदस्य मोहनलाल शालवी , उपाध्याय बृजमोहन सुमन,कोषाध्यक्ष इन्द्र नारायण शर्मा, बाल साहित्य प्रमुख बालकृष्ण भट्ट सह मंत्री दुर्गेश मेघवाल,युवा आयाम प्रमुख बुद्धि प्रकाश शालवी,लोक साहित्य प्रमुख जगदीश अनुरागी को नये दायित्व दिये गये।कार्यक्रम मे जिले के अनेक साहित्यकार, परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।





