भीलवाड़ा । समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और समान अधिकारों की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब अभियोजन अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मांडल ममता राव ने अपने दिवंगत पति अधिवक्ता डॉ. हेमंत राव के निधन के उपरांत स्वयं पगड़ी दस्तूर की रस्म निभाई। पुत्र एवं पुत्री नहीं होने की स्थिति में उन्होंने स्वयं यह परंपरा निभाकर समाज के सामने महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और समान अधिकारों का सशक्त संदेश प्रस्तुत किया।
यह गरिमामय कार्यक्रम हजारों समाजबंधुओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में माँ जोगणिया माता की कृपा से संपन्न हुआ। इस अवसर पर ममता राव की मामी सास प्रेम देवी भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में राजपूत वंश के शूरवीर सूदेपाल सिंह तंवर तथा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्याम बिहारी दिनकर के करकमलों एवं उनके नेतृत्व में पगड़ी संस्कार का शुभारंभ हुआ।
उपस्थित समाजबंधुओं, बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने ममता राव के इस साहसिक और प्रेरणादायी निर्णय का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल समाज में महिला सशक्तिकरण, समानता और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण है।
ममता राव का यह निर्णय यह दर्शाता है कि बदलते समय में महिलाएँ हर जिम्मेदारी को पूरी गरिमा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के साथ निभाने में सक्षम हैं। उनका यह कदम न केवल सामाजिक परंपराओं में सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।






