Monday, August 3, 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स में कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी का स्वर्णिम पंच, इंग्लैंड की बॉक्सर को 5-0 से हराकर जीता गोल्ड

विदेशी धरती पर फहराया तिरंगा, लगातार छठा स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

कोटा। हाड़ौती की प्रतिभाशाली बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। ग्लासगो (इंग्लैंड) में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में कोटा की महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी की बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की बॉक्सर चेटल रेड को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ अरुंधति ने विदेशी धरती पर तिरंगा लहराते हुए देश और राजस्थान का नाम रोशन किया।

महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी के कोच अशोक गौतम ने बताया कि अरुंधति चौधरी का यह लगातार छठा स्वर्ण पदक है। उन्होंने पिछले कुछ समय में सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

लगातार छह बड़ी प्रतियोगिताओं में गोल्ड

अरुंधति ने जिन प्रमुख प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते हैं, उनमें शामिल हैं—

कॉमनवेल्थ गेम्स

फेडरेशन कप

वर्ल्ड कप

नेशनल चैंपियनशिप

बॉक्सो कप

एशियन चैंपियनशिप

लगातार स्वर्ण पदक जीतने का यह रिकॉर्ड भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

डीएसपी बनने का खुला रास्ता

वर्तमान में इंडियन आर्मी में सेवाएं दे रही अरुंधति चौधरी के सामने अब राजस्थान पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बनने का अवसर भी खुल गया है। राजस्थान सरकार की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति के तहत कॉमनवेल्थ या एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे डीएसपी पद पर नियुक्ति का प्रावधान है। वहीं ओलंपिक पदक विजेताओं को भी इसी प्रकार नियुक्ति दी जाती है।

इसके अलावा राज्य सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति के अनुसार—

स्वर्ण पदक पर ₹1 करोड़

रजत पदक पर ₹60 लाख

कांस्य पदक पर ₹30 लाख

की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। अब यह निर्णय अरुंधति को लेना है कि वह इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं जारी रखेंगी या राजस्थान पुलिस में डीएसपी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगी।

एशियन गेम्स में खेलने की इच्छा, लेकिन भार वर्ग बना बाधा

कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अरुंधति की नजर अब एशियन गेम्स पर है। हालांकि 70 किलोग्राम भार वर्ग शामिल नहीं होने के कारण वह इसमें हिस्सा नहीं ले पा रही हैं। अरुंधति दूसरे भार वर्ग में खेलने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन इसके लिए बॉक्सिंग फेडरेशन को उन्हें ट्रायल का अवसर देने और भार वर्ग बदलने की अनुमति प्रदान करनी होगी।

बधाइयों का लगा तांता

अरुंधति की ऐतिहासिक जीत पर महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी के पदाधिकारियों एवं खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्हें कोटा बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष एवं उनके पिता सुरेश चौधरी, माता सुनीता चौधरी, बड़ी बहन डॉ. चारुलता चौधरी, छोटे भाई शिवाजी आनंद चौधरी सहित अनेक खेल प्रेमियों ने शुभकामनाएं दीं।

इसके अलावा कोटा वुशु संघ के अध्यक्ष शिव भगवान गोदारा, कोटा बॉक्सिंग संघ के चेयरमैन देवी सिंह, सचिव प्रीतम सिंह भाटी, कोच सूरज गौतम, देवेंद्र मालव, राजस्थान बॉक्सिंग संघ के सचिव नरेंद्र निर्माण, अंतरराष्ट्रीय रेफरी विशाल निर्माण तथा प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र चौधरी ने भी अरुंधति को स्वर्णिम सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अरुंधति चौधरी की यह उपलब्धि न केवल कोटा और राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनकी इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समर्पण, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया जा सकता है।

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