कोटा। राजस्थान कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत शनिवार को कोटा में आयोजित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। हालांकि प्रदर्शन के साथ-साथ पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी भी खुलकर सामने आई। शहर के अलग-अलग स्थानों से विभिन्न नेताओं के नेतृत्व में अलग-अलग रैलियां निकाली गईं, जो बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर एकजुट हुईं।
प्रदर्शन के दौरान प्रहलाद गुंजल अपने समर्थकों के साथ उम्मेद सिंह स्टेडियम के सामने से रैली निकालकर रवाना हुए। वहीं शहर एवं देहात कांग्रेस के कार्यकर्ता लाडपुरा पंचायत समिति के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन में शामिल हुए। दूसरी ओर शालिनी गौतम के नेतृत्व में कार्यकर्ता सेना भर्ती कार्यालय के बाहर से एकत्र हुए, जबकि विधायक शांति धारीवाल अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट चौराहे से रैली में शामिल हुए।
बाद में सभी रैलियां जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग स्थानों से रैलियों का निकलना और अलग-अलग नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन करना राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना रहा।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बावजूद पार्टी के विभिन्न गुटों का अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान की ओर संकेत करता है। इस वजह से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के साथ-साथ कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही।






