रिपोर्ट: रामावतार राठौर कराड़िया
कोटा। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर श्री त्यागानन्द हंस निर्वाण संस्थान, कोटा में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं शिष्यगण संस्थान पहुंचे और गुरुदेव राजकुमार जी परमहंस का श्रद्धाभाव से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान शिष्यों ने गुरुजी को माल्यार्पण कर गुरु चरण पूजन किया और गुरु वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के सचिव सुरेशानंद जी महाराज एवं कोषाध्यक्ष भागचंद जी के सान्निध्य में संपन्न हुआ। आयोजन में गुरु पूजन, महामंगल आरती, संस्कार ज्ञान वाणी प्रशिक्षण तथा सत्संग का आयोजन किया गया।
सायंकाल नगर निगम सामुदायिक भवन, रामनगर डीसीएम कॉलोनी में महाप्रसादी, भजन-संध्या एवं सत्संग का आयोजन हुआ। गुरुजी राजकुमार जी परमहंस के प्रेरणादायी गुरु वचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
आमसभा में अनेक गणमान्य अतिथियों, संतों एवं शिष्यों ने शिक्षा, संस्कार, मानव कल्याण और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
अपने आशीर्वचन में गुरुदेव राजकुमार जी परमहंस ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य मानव सेवा, लोककल्याण और सदाचार है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण तथा परिवार और समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के पतन का कारण बनता है।
कार्यक्रम में पूर्व महापौर सुनीता व्यास विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। रात्रि में आयोजित सत्संग एवं नामदान कार्यक्रम में सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरुदेव ने माता-पिता की सेवा, गुरु वंदना एवं गुरु चरणों की सेवा को जीवन का सर्वोच्च धर्म बताते हुए कहा कि इन्हीं मूल्यों के पालन से सच्चे सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति संभव है।






