कोटा/बूंदी। पंचायती राज संगठन राजस्थान के स्टेट कोऑर्डिनेटर एवं विधानसभा प्रभारी महावीर सेन ने पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले युवाओं पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
महावीर सेन ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार का संवेदनशील होने के बजाय दमनकारी रवैया अपनाना चिंताजनक है। इससे युवाओं और आमजन का सरकार पर विश्वास कमजोर होता है।
उन्होंने कहा, “जब देश की राजगद्दी पर धृतराष्ट्र बैठा हो तो महाभारत तो तय है, फिर चाहे वह हस्तिनापुर हो या हिंदुस्तान।” उन्होंने कहा कि यह कथन सरकार को जनता की आवाज सुनने और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता का संदेश देता है।
महावीर सेन ने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराई जाए तथा भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाकर युवाओं का विश्वास बहाल किया जाए।
















