Wednesday, October 7, 2026
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राष्ट एकता कै खातिर समरसता घणी जरूरी छै…..देवकी दर्पण

कापरेन/रविवार को अखिल भारतीय साहित्य परिषद् केन्द्र कापरेन व हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति समिति रोटेदा सहित मायड़ भासां साहित्य सिरजण मंच टाकरवाड़ा,बूढादीत की त्रिवेणी संस्थाओं के तत्वाधान में सैनाणी राजस्थानी पत्रिका के मई जून अंक का लोकार्पण किया गया।त्रिवेणी संगम की यह लगातार पांचवीं काव्य गोष्ठी कापरेन मे मनीष मेहरा के निजी आवास में सम्पन्न हुई।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद के नव निर्वाचित बून्दी जिला अध्यक्ष देवकी दर्पण के सानिध्य व मनीष मेहरा के संयोजन मे इस गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ.नारायण दीक्षित ने की। मुख्य अतिथि जसराज सलोना एवं विशिष्ट अतिथि लोकेश आजाद रहे।

गोष्ठी का शुभारम्भ आयोजक मनीष मेहरा ने सरस्वती वंदना से किया।

कवि लोकेश मीणा ‘ आजाद’ ने उम्र गुजर जाती है….,कविता पढ़कर खूब दाद पाई। हास्य कवि सत्यप्रकाश गौतम ने कल से स्कूल जाएंगे… पैरोडी पढ़कर सब को खूब गुदगुदाया।

कवि मनीष मेहरा ने बड़ा बूढ़ा को मान करो……,राम नाम जीवन आधार….कविता पढ़ी ।

वरिष्ठ साहित्यकार देवकी दर्पण ने….” राष्ट्र एकता कै खातिर समरसता घणी जरूरी छै ……थां बिन सुनो सुनो प्रितम‌ यो तीजां को थ्वार छै….और भी कई शानदार गीत पढ़कर गोष्ठी को ऊंचाइयां दी।

कवि जसराज सलोना ने मां,क्यों चली गई मुझे इस कचरे के ढेर में छोड़ कर….. बेटी की मार्मिक कविता पढ़ी।

काव्यगोष्ठी के अंत में गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डॉ .नारायण जी दीक्षित ने ..अनेक बेगुनाहों की वो जान ले गया…..और दास्ता जो मिट गई जरा जरा सी याद हैं….शानदार ग़ज़लें पढ़कर गोष्ठी को सार्थक बना दिया।

 

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