Sunday, June 28, 2026
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कोटा की ऐतिहासिक धरोहर ‘झाला हाउस’ के ध्वस्तीकरण पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की त्वरित रोक; ‘इंटेक’ के ज्ञापन पर नगर निगम आयुक्त को दिए निर्देश

भारत सिंह चौहान

कोटा/ कोटा शहर की बहुमूल्य सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में रविवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ आया। इण्डियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एण्ड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) के कोटा चैप्टर के कन्वीनर निखिलेश सेठी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कोटा की लगभग 250 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक और स्थापत्य कला की अनूठी मिसाल ‘झाला हाउस’ इमारत को अचानक जर्जर घोषित कर अत्यंत शीघ्रता से ध्वस्त किए जाने की प्रशासनिक कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसे तुरंत रोकने के लिए एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। उल्लेखनीय है कि कोटा में कईं हेरिटेज संस्थाओं ने झाला हाउस को तोड़ने के ख़िलाफ मुहिम चला रखी है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विषय की गंभीरता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने बैठक के दौरान ही प्रतिनिधिमण्डल को झाला हाऊस के संरक्षण का भरोसा दिया। इसी दौरान कैंप कार्यालय में मौजूद कोटा नगर निगम के आयुक्त ओपी मेहरा से भी प्रतिनिधिमण्डल ने बात की। जिस पर उन्होंने स्पीकर बिरला के निर्देश का हवाला देते हुए इस ऐतिहासिक इमारत झाला हाउस के ध्वस्तीकरण की चल रही प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने का आश्वासन दिया। लोकसभा अध्यक्ष के इस त्वरित हस्तक्षेप के बाद प्रशासन द्वारा झाला हाउस को तोड़ने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी गई है। जिससे कोटा के प्रबुद्ध नागरिकों, इतिहासविदों और विरासत प्रेमियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र में इंटेक के पदाधिकारियों ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि झाला हाउस कोटा के गौरवशाली इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत का एक अमूल्य अध्याय है। उन्होंने मांग की कि किसी भी ऐतिहासिक भवन की संरचनात्मक स्थिति कमजोर होने पर भी ध्वस्तीकरण को अंतिम विकल्प के रूप में नहीं अपनाया जाना चाहिए, बल्कि उसका आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों द्वारा परीक्षण कर संरक्षण, पुनरुत्थान एवं सुदृढ़ीकरण की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। इंटेक ने भवन का स्वतंत्र विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा तकनीकी मूल्यांकन कराने और संबंधित तकनीकी रिपोर्ट व मास्टर प्लान की जानकारी सार्वजनिक कर निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि लोकसभा अध्यक्ष के इस ऐतिहासिक हस्तक्षेप से कोटा की इस अनमोल धरोहर को संरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। जिससे आने वाली पीढ़ियां भी अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी रह सकेंगी। इंटेक ने इस संबंध में नागरिकों और विरासत विशेषज्ञों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर एक पारदर्शी और जनहितकारी नीतिगत निर्णय सुनिश्चित करने पर बल दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी अमूल्य धरोहरों पर बिना सोचे-समझे प्रशासनिक कार्रवाई न की जा सके।

इस दौरान इंटैक कन्वीनर निखिलेश सेठी, को कन्वीनर बहादुर सिंह हाड़ा, हम लोग संस्था के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता, हाड़ौती हेरिटेज वॉक्स के सर्वेश हाड़ा, पर्यावरणविद एएच ज़ैदी, सौरभ लोढ़ा, बृजेश विजयवर्गीय, अनिल शर्मा, डॉ. महेश पंजाबी, दिलदार क़ुरैशी, शेलेश जैन, पृथ्वीपाल सिंह समेत कईं लोग मौजूद रहे।

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