करोड़ों के सौंदर्यीकरण के बीच लक्खी बुर्ज में व्यवस्थाओं पर सवाल, सुरक्षा और सफाई को लेकर पर्यटकों में नाराजगी
कोटा। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार लक्खी बुर्ज को एक बार फिर पुराने गौरव के साथ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने के उद्देश्य से नगर निगम की ओर से व्यापक सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है। अप्रैल से इसके निरीक्षण और विकास कार्यों की तैयारियां शुरू की गई थीं। उस समय यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में सौंदर्यीकरण कार्य के साथ-साथ व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
लक्खी बुर्ज पर प्रतिदिन शहरवासियों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि जिस तरह की मूलभूत सुविधाएं पहले यहां उपलब्ध थीं, उनमें से कई सुविधाएं वर्तमान में व्यवस्थित नजर नहीं आ रही हैं। साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो सफाई कर्मियों के भरोसे सफाई व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, इतने बड़े पर्यटन क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का जिम्मा महज दो सफाई कर्मियों के भरोसे है। ऐसे में पूरे क्षेत्र की नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण नजर आता है। पर्यटकों का कहना है कि करोड़ों रुपये के सौंदर्यीकरण के साथ साफ-सफाई की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
लक्खी बुर्ज जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर एक ही सुरक्षा कर्मी नजर आने की बात सामने आई है। इतने बड़े क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा, निगरानी और संभावित घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है।
लोगों का सवाल है कि जब सौंदर्यीकरण के बाद यहां नई लाइटिंग, आधुनिक सुविधाएं और अन्य संसाधन लगाए जाएंगे, तो उनकी सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी किसकी होगी? यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से विकसित की जा रही सुविधाओं की सुरक्षा भी चुनौती बन सकती है।
सौंदर्यीकरण के साथ व्यवस्था सुधारने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थल का केवल बाहरी सौंदर्य बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। सफाई, पेयजल, रोशनी, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और नियमित रखरखाव जैसी सुविधाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर लक्खी बुर्ज का कायाकल्प किया जा रहा है, ऐसे में लोगों की मांग है कि सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यहां की व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाए। पर्याप्त सफाई कर्मियों और सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की जाए तथा मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो।
अब सवाल यह है कि जब लक्खी बुर्ज को आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, तो सुरक्षा और रखरखाव जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं में कमी क्यों दिखाई दे रही है? क्या नगर निगम सौंदर्यीकरण के साथ इन व्यवस्थाओं पर भी गंभीरता से ध्यान देगा, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।





