राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं🙏🏻
राजघाट की माटी को हम ऐसे करें प्रणाम।
अपने हाथों स्वयं बनायें, अपना सेवाग्राम॥
उगते सूरज की किरणों में, खेतों पर हम जावें।
दिनभर करें किसानी खेती,सन्ध्या को घर आवें॥
श्रम की गंगा में अब न्हावे, मिलकर सारा ग्राम,राजघाट की माटी को हम ऐसे करें प्रणाम॥
शस्य श्यामला भू के माथे, उषा तिलक लगावें।
चरवाहा चरणोई में नित, मीठी बीण बजावें॥
माँ बछड़े को दूध पिलायें, गौरस पाये ग्राम।राजघाट की माटी को हम ऐसे करें प्रणाम॥
सस्ता न्याय सुलभ हो सबको, चौपालों की छाँव।
अपना झगड़ा आप मिटावें ,पंचायत में गाँव॥
मानवता का धर्म निभाये, मिलकर सारा ग्राम।राजघाट की माटी को हम ऐसे करें प्रणाम॥
छुआछूत का भूत भगाकर, उर का दाग मिटाएँ।
राव-रंककाभेदभुलाकर, सबको गले लगायें॥
अर्थ विषमता की खाई को पाटे सारा ग्राम।
राजघाट की माटी को हम ऐसे करें प्रणाम॥ कर्म -ज्ञान का ताना बाना।हो शिक्षण का मूल! गांधी जी का सपना उगे, अब भारत की धूल!! ग्रामोद्योग गाँव में देवे, बेकारो को काम! राजघाट की माटी को हम ऐसे करें प्रणाम!! —कवि गीतकार 💐 प्यारेलाल रांगोठा (साहित्य रत्न) शारदा सदन, ओसरना (भानपुरा) जिला – मंदसौर (म. प्र.)
युधिष्ठिर चानसी, पूर्व पार्षद, एवं सचिव रामकृष्ण शिक्षण संस्थान कोटा द्वारा संत चतुर्भुज भगत सेवाश्रम, भदाना में 2अक्टूबर को गांधी जयंती एवं लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उक्त कविता संकलित कर गांधी जी की प्रेरणाओ का व्यापक प्रचार प्रसार किया गया!
कविता-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं





