कोटा। शहर के आरकेपुरम थाना क्षेत्र के रोजड़ी इलाके में शुक्रवार रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। एक नर्सिंगकर्मी की पत्नी और 8 साल की बेटी की घर में गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
नर्सिंगकर्मी जब शाम को अस्पताल से घर लौटा तो पत्नी और बेटी अचेत अवस्था में पड़ी मिलीं। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मां-बेटी के शव न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं और मौके पर एफएसएल टीम व डॉग स्क्वॉयड की सहायता से जांच शुरू कर दी है।
इटावा निवासी भगवान वैष्णव एक निजी अस्पताल में नर्सिंगकर्मी हैं। वर्ष 2011 से वे पत्नी ज्योति (32), बेटी पलक (8) और डेढ़ साल के बेटे के साथ रोजड़ी में किराए के मकान में रह रहे थे।भगवान वैष्णव ने बताया कि वे रोजाना दोपहर 12 बजे अस्पताल जाते हैं और रात करीब 8 बजे लौटते हैं।
शुक्रवार रात जब वे घर पहुंचे, तो बेटी पलक स्कूल यूनिफॉर्म में कमरे में अचेत मिली, उसके गले पर निशान थे। इसके बाद कॉलोनी के लोगों ने घर जाकर देखा तो ज्योति रसोई में खून से लथपथ पड़ी थी।दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मां-बेटी को मृत घोषित कर दिया।
बेटी पलक पहली कक्षा की छात्रा थी। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला कि वारदात दोपहर 1 बजे के बाद की है, जब पलक स्कूल से लौटी थी।
एसपी सिटी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि घटनास्थल से कई अहम सुराग जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की मौत गला घोंटने से हुई है।






