Thursday, October 1, 2026
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स्वतंत्रता आंदोलन में मांगरोल के स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान

सन 1937 को मांगरोल के प्रति चौक में राजस्थान का पहला प्रजामंडल अधिवेशन हुआ,जिसमें पंडित नेनू राम शर्मा कमला बेनीवाल के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं में भाग लिया इस अधिवेशन मेंमांगरोल के स्वतंत्रता सेनानी मेहर श्री कल्याण मल टेलरअंग्रेजों के खिलाफ अपना लिखा गीत गाया,जिसके बल थे

नहीं रखणी सरकार जालिम नहीं रखणी,

आए थे बौपार करण को,

शहंशाह की शरण गहन को

बन बैठे मक्कार,

जालिम नहीं रखणी…

जलियांवाले बाग के अंदर

निशस्त्रों पर गोली चलाकर

जनता पर लाठी बरसाकर

पाजी डॉयर के फायर ने भूमि कर दी लाल ।

नहीं रखणी सरकार जालिम नहीं रखणी…..

अभिन्नहरी को पकड़ मंगाया

मोतीलाल को जेल बिठाया

गोरी लाल को ऐसा पीटा उधड़ गई रे खाल ।

नहीं रखती सरकार

जालिम नहीं रखणी…

मांगरोल के स्वतंत्रता सेनानियों में पंडित अभिन्नहरी सेठ मोतीलाल जैन मूलचंद शर्मा गुलाब बाई किंकर गोरीलाल चोपड़ा सक्रिय कार्यकर्ता थे । मांगरोल के बाद कोटा राम तलाई में दूसरा प्रजामंडल का अधिवेशन हुआ,लोग कहते कि कोटा ने राजनीति मांगरोल से ही सीखी है ।

कल्याण वर्ल्ड टेलर गलियों गलियों में तिरंगा झंडा लेकर अपना अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति गीत गाते,लोगों को झूठ उनके पीछे-पीछे चलता,उन दिनों उनकी नवविवाहिता मोतिया बाई ससुराल आई थी

कल्याण टेलर के जनून को देखते हुए,टेलर को के लोग पोस्टमार्टमबंद करके ताला लगा दिया,जब लोगों को हम नारे लगाता हुआ उनके मकान के पास तक आया,टेलर का जूस उम्र बड़ा और उन्होंने अपने क्वैलू पोश मकान के डांडे हटाकर मकान से कूद कार्यालय में शामिल हो गए,

कुंज के सामने मैदान में आम सभा होती.सामने ही पुलिस थाना हुआ करता था,अध्यक्षता करने के लिए कोई नहीं मिलतातो तिरंगे झंडे को ही अध्यक्ष बनाकर ही मिटिगें की जाती अंग्रेजों के जुल्म अत्याचारों के खिलाफ

लोगों को बताया जाता कुंज की दीवार पर ब्लैक बोर्ड पर अंग्रेजों के खिलाफ समाचार लिखे जाते,लोगों में आक्रोश पैदा होता,आंदोलन उग्र गति में जोर पकड़ने लगा,देश भर में अंग्रेजों के खिलाफ उग्र आंदोलन तेज हो रहे थे ।

आखिर 14 अगस्त1947 का वो दिन आ ही गया,जब रात की 12:00 बजे अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा,

मांगरोल की क्रांति कारों में भरी जोश थाघर-घर घी के दीए जलाए गए,घर घर तिरंगा लहराया गया,रात की 12:00 बजे ही कुंजी चौक पर तिरंगा लहराकर जीत का जश्न मनाया गया । कुंजी चौक पर आज भी स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर तिरंगा लहरा कर देश के अमर शहीदों को याद करके सलामी दी जाती है ।

मांगरोल के स्वतंत्रता सेनानी कल्याण मल टेलर की याद में उनकी पुण्यतिथि परसद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें हर साल कवि कलाकारों के दल मांगरोल में आकर कवि सम्मेलन के रूप में प्रस्तुतियां देकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते है वहीं लोक कलाकारों के ग्रुप भी अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी देते आए हैं

पिछले 3 साल से उनकी पुण्यतिथि को सद्भावना दिवस के रूप मनाया जाता है जिसमें नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन कर निःशुल्क लैंस प्रत्यारोपण कराया जाता है जरूरतमंद गरीबों को भोजन कराकर गर्म वस्त्र भी बांटे जाते हैं ।

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