*सावन का प्रथम दिन : शिवाराधना*
(मनहरण घनाक्षरी )
बम बम भोले बोल, शिव नाम अनमोल,
गंग धार जटाधारी, ध्यान में उतारिए।
डमरू की डम-डम, मन थम यहीं रम,
सावन पावन मास, जीवन सँवारिए।
हाथों में परशु भारी, पिनाक धनुष धारी,
शत्रु,कष्ट होंगे नष्ट, शिव को पुकारिए।
नेत्र चंद्र,सूर्य,आग, शिव सप्त- स्वर -राग
प्रलय हो या निर्माण,उत्सव मनाइए।
राम शर्मा ‘कापरेन’rsk
कोटा
सावन का प्रथम दिन : शिवाराधना (मनहरण घनाक्षरी)-राम शर्मा ‘कापरेन’





