कोटा /श्री झालरिया पीठाधीश्वर जगदगुरू रामानुजाचार्य जी ने कहा कि, हमारे राम को यह जानकर गहरा आघात लगा कि तिरूपति देवस्थानम से वितरित प्रसाद में अधार्मिक तत्व की मिलावट व अशुद्धता पाई गई है। इससे मन व्यथित है। तिरूपति धाम ऐसा स्थान है, जहां कलियुग में साक्षात् श्रीहरि नारायण अर्चा विग्रह में विराजमान हैं। उनकी सेवा में शुद्ध भाव, आचरण और सामग्री की पवित्रता होना आवश्यक है। असंख्य सनातन धर्म प्रेमियों के आस्था के केन्द्र पर यह कृत्य जिसके
भी द्वारा किया गया है, वो अक्षम्य है। भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है। ये हिन्दू विरोधी तत्व हैं जिन्होंने सनातन धर्म प्रेमियों की पवित्रता को ठेस पहुंचाई है। हमारे राम आहत हैं और जिस किसी ने भी इस कृत्य को करने का दुस्साहस किया है तथा इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं, सरकार उसे उचित दण्ड देवें ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो। सरकार को चाहिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि समाज के स्वास्थ्य और पवित्रता सुनिश्चित रह सके।
भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ किया,तिरुपति से वितरित प्रसाद में अशुद्धता




