मथुरा ।पवित्र नगरी वृंदावन में ऋषि वेदव्यास वेद प्रचार अनुसंधान गुरुकुलम भवन के अंतर्गत गौ संरक्षण केंद्र में नए हॉल का विधि-विधान से शुभारंभ किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
ऑल इंडिया फलोदी एस्ट्रोलॉजिकल रिसर्च सोसाइटी (पंजी.) द्वारा संचालित कृष्णद्वेपायन वेद गुरुकुलम वृंदावन के संस्थापक अध्यक्ष अजय कुमार श्यामानन्दी ने बताया की यहां तक्षशिला नालंदा की तर्ज पर शिक्षा दी जायेगी।इसमें चारों वेदों के अध्ययन के साथ साथ सारे पुराणों की शिक्षा संस्कृत और अंग्रेजी माध्यम से दी जाएगी ताकि हमारी भारतीय संस्कृति का प्रचार विदेशो में भी होगा।संयोजक हिमांशु शर्मा ने बताया कि आचार्य आनंद पुरोहित और सहआचार्य दीपक शास्त्री वृंदावन के सानिध्य में एकेडमिक शिक्षा दी जायेगी जिसमें काशी से लेकर दक्षिण भारत के आचार्य शिक्षा देंगे।बच्चों के दाखिले की उम्र कम से कम आठ वर्ष होना अनिवार्य है।प्रवक्ता पूरण सोनी कोटा ने बताया की यह गुरुकुलम अंतराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर कार्य करेगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्था के सदस्य पंकज शर्मा दिल्ली, राधा जी दिल्ली ,मीनू फरीदाबाद ,सरदार अरविंदर लूथरा दिल्ली, आनंद पुरोहित जयपुर ,मधुबाला चावला जयपुर, काशी विश्वनाथ से पधारे आचार्य उपस्थित रहे।सभी ने वेदों को घर घर पहुंचाने का संकल्प लिया।वृंदावन मथुरा की पवित्र भूमि जो सप्तपुरी में एक है मोक्ष दायनी है यहीं से वेदों के अंतर्राष्ट्रीय प्रचार का मुख्य केंद्र नगला सुरीर वृंदावन नगर निगम वार्ड नंबर आठ से प्रारम्भ में दो एकड़ ज़मीन से शुरू किया जा रहा है।





