कोटा, 8 अक्टूबर। साजीदेहड़ा क्षेत्र में देर रात रुहानियत से लबरेज भव्य ‘जश्ने दस्तारबंदी एवं जलसा तहफ्फुज-ए-अकायद कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया। शहर के दारुल उलूम हुसैनिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हाड़ौती सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए उलेमा-ए-किराम, मुफ्तियान-ए-इकराम, इमाम एवं धार्मिक विद्वानों ने शिरकत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद, समाजजन एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की सरपरस्ती हजरत सैयद तफज्जुलुर्रहमान साहब एवं मुफ्ती अनवारुल हक मुस्तफवी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पीरे तरीकत, रहबर-ए-शरीअत एवं नवीरे आला हजरत अल्लामा अल्हाज अशफाक मोहम्मद अहसन रजा खान कादरी, सज्जादानशीन दरगाह आला हजरत, बरेली शरीफ ने शिरकत की।
इस अवसर पर अल्लामा अफसरुल कादरी एवं मुफ्ती मुबारक हुसैन नूरी अलीमी सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक प्रमुख उलेमा मौजूद रहे। वहीं सैयद शबाहत मियां जनेटा संभल, मुफ्ती जियाउर्रहमान नईमी मुरादाबाद, जनाब ताहिर रजा रामपुर, कारी यूसुफ रजा संभल तथा जनाब आमिर रजा काशीपुर, उत्तराखंड सहित अन्य धर्मगुरुओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
धार्मिक शिक्षा और भाईचारे पर दिया जोर
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उलेमा-ए-किराम ने धार्मिक मान्यताओं, इस्लामी शिक्षा, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को दीन, धार्मिक शिक्षा और संस्कारों से जोड़ना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देकर समाज और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना जरूरी है।
वक्ताओं ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सैकड़ों बच्चों की हुई दस्तारबंदी
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जश्ने दस्तारबंदी रहा। इस दौरान सैकड़ों बच्चों ने हिफ्ज-ए-कुरआन मुकम्मल किया और उन्हें हाफिज की सनद प्रदान की गई। उलेमा-ए-किराम ने दस्तारबंदी की रस्म अदा कर बच्चों की हौसला-अफजाई की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की।
उलेमा ने कहा कि कुरआन की शिक्षा हासिल करना बच्चों और उनके परिवारों के लिए गौरव का विषय है। ऐसे कार्यक्रम धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करते हैं।
आयोजकों ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम के संयोजक रियाज खान वारसी ने बताया कि आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए उलेमा-ए-किराम एवं मेहमानों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में शहर कोटा के विभिन्न मसाजिद के आइम्मा, उलेमा-ए-किराम तथा धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अराकीन कमेटी इदारा के सदर मोहम्मद सलीम वारसी, नायब सदर नवाब खान वारसी, सेक्रेटरी अहमद हुसैन, कोषाध्यक्ष इरफान खान, संगठन मंत्री शेर खान एवं रियासत खान वारसी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी उलेमा, मेहमानों एवं अकीदतमंदों का आभार व्यक्त किया।








