-भारत सिंह चौहान की विशेष रिपोर्ट✍️
कोटा। रक्षा बंधन का महापर्व जब सामाजिक बंधनों, ऊंच-नीच और भेदभाव की सारी दीवारों को तोड़कर सिर्फ प्रेम और मानवता का पर्व बन जाता है, तब वह सच्चे अर्थों में महापर्व कहलाता है। ऐसी ही एक भावुक कर देने वाली, दिल को छू लेने वाली और पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी तस्वीर आज कोटा में देखने को मिली।
रक्षा बंधन के इस पावन अवसर पर किन्नर समाज की वरिष्ठ गुरु सीमा किन्नर जी ने अपने शिष्यों के साथ रोटरी क्लब कोटा नार्थ के उपाध्यक्ष, गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर के निदेशक रोटेरियन डॉ. आर बी गुप्ता जी के कार्यालय पर पहुंचकर उन्हें रक्षा सूत्र बांधा और हृदय से आशीर्वाद दिया।
जैसे ही गुरु सीमा किन्नर जी ने बड़े ही स्नेह, ममता और वात्सल्य के साथ डॉ. गुप्ता की कलाई पर राखी बांधी, पूरा वातावरण भावुक और पवित्र हो गया। उनकी आंखों में एक बहन का अपने भाई के प्रति अटूट विश्वास था, और डॉ. गुप्ता की आंखों में एक भाई का अपनी बहन के सम्मान और सुरक्षा का अटूट वचन।
गुरु सीमा किन्नर जी ने कहा, “समाज हमें भले ही अलग नजर से देखता हो, लेकिन हमारे दिल में भी एक बहन का प्यार वैसे ही धड़कता है। आज हमने डॉ. साहब को अपना भाई बनाया है। एक डॉक्टर के रूप में वह बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा कर रहे हैं।”
इस आत्मीय मिलन से अभिभूत डॉ. आर बी गुप्ता ने कहा, “आज मेरे जीवन का सबसे भावुक और यादगार रक्षा बंधन है। सच्चा रक्षा बंधन वही है जो समाज के हर वर्ग को एक धागे में पिरो दे। मैं संकल्प लेता हूं कि किन्नर समाज के स्वास्थ्य, सम्मान और अधिकारों के लिए मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा।”








