कोटा। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत बुधवार को खाद्य सुरक्षा दल कोटा ने सिंधी कॉलोनी स्थित एक गोदाम का औचक निरीक्षण कर 560 किलोग्राम संदिग्ध मिल्क केक सीज किया। मौके से मिल्क केक के अलग-अलग लॉट के चार नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, कोटा भेजा जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा दल को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गोदाम का निरीक्षण किया गया। यहां 14 कार्टून मिले, जिनमें प्रत्येक कार्टून में करीब 40 किलोग्राम मिल्क केक था। इस तरह कुल 560 किलोग्राम मिल्क केक पाया गया। प्रारंभिक जांच में यह मिल्क केक रिफाइंड तेल, लिक्विड ग्लूकोज, इलायची, मिल्क पाउडर, दूध और शुगर से निर्मित पाया गया और प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होने पर शेष मिल्क केक को सीज कर दिया गया।
इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने गुमानपुरा क्षेत्र में करीब दो दर्जन मावा एवं मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान मावा बर्फी, रसगुल्ला, मिल्क केक और मावा सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 22 नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सभी प्रतिष्ठान संचालकों को राखी पर्व के मद्देनजर साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में सुधार के लिए पाबंद किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में सुधार नहीं पाए जाने पर FSS Act के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा त्योहारी सीजन में दूध, मावा, पनीर, मिठाई, तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बाहर से आने वाले मावा और पनीर की भी लगातार जांच की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादौन और मोजीलाल कुंभकार शामिल रहे। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले में खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपलिंग और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।







