23 अगस्त को इंटैक बाराँ चैप्टर की ओर से “बाराँ से शेरगढ़” विरासत यात्रा, सेमिनार और “सावन की गोठ” का आयोजन
बाराँ/बाराँ जिले की ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके पर्यटन विकास की संभावनाओं को सामने लाने के उद्देश्य से इंटेक बाराँ चैप्टर ( भारतीय सांस्कृतिक निधि वराह नगरी बाराँ अध्याय )के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 23 अगस्त को “विरासत यात्रा : बाराँ से शेरगढ़”, “शेरगढ़ : इतिहास और पुरातत्व” विषय पर विशेष सेमिनार तथा पारंपरिक “सावन की गोठ” का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9 बजे श्रीराम-जानकी मंदिर, झालावाड़ रोड, बाराँ से होगी। यहां से सभी सदस्य एवं इतिहास तथा विरासत प्रेमी “बाराँ से शेरगढ़” विरासत यात्रा के लिए रवाना होंगे। शेरगढ़ पहुंचने के बाद प्रातः 11.15 बजे शेरगढ़ फोर्ट में “शेरगढ़ : इतिहास और पुरातत्व” विषय पर विशेष सेमिनार आयोजित होगा।
सेमिनार में इंटेक एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन विष्णु कुमार साबू मुख्य अतिथि होंगे। प्रसिद्ध इतिहासकार राकेश शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शेरगढ़ के इतिहास, स्थापत्य, पुरातात्विक महत्व और ऐतिहासिक संदर्भों पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन देंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इंटेक सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रशांत पाटनी करेंगे। इंटेक एडवाइजरी कमेटी के सदस्य एवं लायंस क्लब श्री जी बाराँ के संरक्षक श्री कुंजबिहारी नागर और अध्यक्ष लायंस क्लब बाराँ श्री जी डॉ देवीशंकर नागर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
शेरगढ़ के पर्यटन विकास पर विशेष चर्चा के रूप में आयोजित इस सेमिनार में शेरगढ़ के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के साथ-साथ यहां उपलब्ध पर्यटन एवं विकास की संभावनाओं पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी। इंटैक बाराँ चैप्टर का प्रयास रहेगा कि शेरगढ़ की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए इसे जिले के प्रमुख हेरिटेज एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।
शेरगढ़ की प्राचीन स्थापत्य परंपरा, दुर्ग, मंदिरों, ऐतिहासिक भवनों, जल संरचनाओं तथा अन्य पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और पर्यटन मानचित्र पर उचित स्थान दिलाने के संबंध में भी विचार-विमर्श होगा।
इतिहासकार राकेश शर्मा के पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के पश्चात इंटैक बाराँ चैप्टर की वार्षिक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में चैप्टर की आगामी गतिविधियों, विरासत संरक्षण के कार्यों तथा जिले के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण को लेकर भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद सभी सदस्य एवं इतिहास प्रेमी शेरगढ़ की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों की विस्तृत विजिट करेंगे। इस दौरान शेरगढ़ की स्थापत्य कला, प्राचीन स्मारकों, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक भवनों और अन्य महत्वपूर्ण विरासत स्थलों का अवलोकन किया जाएगा।
ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों की विजिट के पश्चात दोपहर 2.30 बजे पारंपरिक “सावन की गोठ” का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन केवल सामूहिक भोज तक सीमित न होकर राजस्थान की प्राचीन सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने की भावना से आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार आधुनिक जीवनशैली के कारण धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही पारंपरिक सामूहिक गोठ, लोकाचार, पारस्परिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ना इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इंटैक बाराँ चैप्टर के कन्वीनर जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि शेरगढ़ बाराँ जिले की अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विरासत है। ऐसे आयोजन का उद्देश्य केवल विरासत स्थलों का भ्रमण करना नहीं, बल्कि उनके इतिहास और पुरातात्विक महत्व को समझना, संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करना तथा उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की संभावनाओं पर समाज और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि “विरासत यात्रा, सेमिनार और सावन की गोठ” के माध्यम से इतिहास, पुरातत्व, पर्यटन और लोक परंपरा को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जिले के इतिहास प्रेमियों, पुरातत्व एवं विरासत में रुचि रखने वाले नागरिकों तथा इंटैक सदस्यों से कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शेरगढ़ की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण, पुरातात्विक महत्व का दस्तावेजीकरण, पर्यटन विकास की संभावनाओं तथा स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।












