मयूर सक्सेना✍️
कोटा/कायस्थ महासभा कोटा द्वारा आयोजित “मुकेश नाइट” के पोस्टर का विमोचन कायस्थ महासभा, कोटा द्वारा आयोजित सुर सम्राट मुकेश चंद माथुर की 50वीं पुण्यतिथि पर ‘मुकेश नाइट’ का आयोजन के पोस्टर का विमोचन अखिल भारतीय कायस्थ महासभा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर ने बताया कि कायस्थ महासभा, कोटा, कायस्थ समाज समिति एवं कायस्थ आर्ट एंड कल्चर, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में महान गायक एवं कायस्थ समाज के गौरव स्वर्गीय मुकेश चंद माथुर की 50 वीं पुण्यतिथि पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 27 अगस्त, गुरुवार को भव्य संगीतमय श्रद्धांजलि “मुकेश नाइट” का आयोजन शाम 6:00 बजे से होटल जौहरी, तलवंडी कोटा किया जाएगा, कार्यक्रम के लिए राजेश श्रीवास्तव को संयोजक एवं सी.पी. सक्सेना को सह-संयोजक बनाया गया है।

कुलदीप माथुर ने बताया कि मुकेश चंद माथुर का जन्म 22 जुलाई 1923 को माथुर कायस्थ परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत के प्रति गहरा लगाव था। अपनी बहन को संगीत सीखते हुए सुनकर उन्होंने भी गायन में रुचि विकसित की। आगे चलकर उनकी प्रतिभा को अभिनेता मोतीलाल ने पहचाना और उन्हें मुंबई आने का अवसर मिला।
मुकेश जी ने अपने गायन की शुरुआत 1940 के दशक में की और अपनी सरल, भावपूर्ण और दिल को छू लेने वाली आवाज़ के कारण जल्द ही हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। अभिनेता राज कपूर की आवाज के रूप में उनकी लोकप्रियता ने उन्हें घर-घर तक पहुंचाया। आवारा, श्री 420, संगम, मेरा नाम जोकर, आनंद, रजनीगंधा और कभी-कभी जैसी फिल्मों के गीतों ने उनकी आवाज को अमर बना दिया।
उनका गीत “कई बार यूँ ही देखा है” फिल्म रजनीगंधा के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाने वाला बना। इसके अलावा उन्हें चार फिल्मफेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुए। मुकेश जी का निधन 27 अगस्त 1976 को हुआ था इस वर्ष 2026 में उनकी 50वीं पुण्यतिथि है।
मुकेश जी की आवाज में दर्द, प्रेम, विरह और जीवन की संवेदनाओं का ऐसा अद्भुत संगम था कि उनके गीत आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हुए हैं। उनकी आवाज समय की सीमाओं से परे होकर आज भी नई पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित करती है।
“मुकेश नाइट” के पोस्टर का विमोचन एलबीएस कैंपस, कोटा में किया गया इस अवसर पर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर, जिलाध्यक्ष विनोद सक्सेना, कमल कुलश्रेष्ठ, राजेश श्रीवास्तव, सी.पी. सक्सेना, नितिन नरेश भटनागर, सुदर्शन माथुर, नितिन भटनागर, ऋषभ माथुर, नीरज कुलश्रेष्ठ, राहुल कुलश्रेष्ठ, योगेंद्र माथुर, मयूर सक्सेना, ईश्वर सक्सेना सहित अनेक कायस्थ बंधु उपस्थित रहे।
आइए, सुरों के सम्राट मुकेश जी की अमर आवाज़ को याद करें और उनके सदाबहार गीतों के साथ एक यादगार शाम बिताएं। इस अवसर पर शहरभर से कायस्थ बंधु एवं संगीत प्रेमी उपस्थित होकर मुकेश जी के सदाबहार गीतों को गुनगुनाते हुए उन्हें भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।







