कोटा/ न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में बहु सायरा बानो के पक्ष में फैसला सुनाया है। यह प्रकरण पारिवारिक विवाद से जुड़ा था, जिसमें सायरा बानो की सास मेहरुन्निसा और उनके पुत्र, सायरा बानो के पति शेर खान, द्वारा मिलकर कथित रूप से ऐसा विवाद उत्पन्न किया गया, जिसका उद्देश्य बहु को घर से बाहर करने का था।
बहु सायरा बानो के वकील
अंसार इंदौरी ने बताया कि इस मामले में बहु के अधिकार, निवास के संरक्षण और वैवाहिक जीवन में उनकी वैध स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न उठे थे। न्यायालय ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों, पक्षकारों के तर्कों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद यह पाया कि बहु को न्यायिक संरक्षण दिया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अदालत ने बेदखली जैसी कार्रवाई को न्यायोचित नहीं माना और बहु के हितों को प्राथमिकता दी। न्यायालय के इस निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी महिला को केवल संपत्ति के स्वामित्व,पारिवारिक दबाव या षड्यंत्र के आधार पर उसके वैध अधिकारों और निवास से वंचित नहीं किया जा सकता।
अंसार इंदौरी ने बताया कि यह फैसला केवल सायरा बानो की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन अनेक महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है जो घरेलू विवादों में अपने निवास, सम्मान और सुरक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करती हैं। अदालत ने यह स्थापित किया है कि पारिवारिक संबंधों में भी कानून का शासन सर्वोपरि है और किसी भी पक्ष को दूसरे के अधिकार छीनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सायरा बानो के पक्ष में आया यह निर्णय न्याय, गरिमा और संरक्षण के सिद्धांत को मजबूत करता है। यह बताता है कि अदालतें ऐसे मामलों में केवल औपचारिक आरोपों पर नहीं, बल्कि वास्तविक तथ्यों और न्याय की आवश्यकता पर फैसला करती हैं ।








