बारां/फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका (अध्यक्ष) सपना गोयल ने बताया कि क्लब की महिलाओं द्वारा हरियाली तीज का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने पारंपरिक लहरिया परिधान एवं सोलह श्रृंगार धारण कर अपनी मनमोहक उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव-पार्वती के पूजन एवं भगवान शिव के अभिषेक के साथ हुआ। इसके पश्चात विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन में सावन के गीत, हंसी-खुशी और पारिवारिक सौहार्द का मनमोहक वातावरण देखने को मिला।
रुचि जैन व अंजना अरोड़ा ने बताया हरियाली तीज का पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इसे छोटी तीज, श्रावणी तीज एवं सिंधारा तीज के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने 107 जन्मों की कठोर तपस्या के पश्चात भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसी कारण विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं तथा अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं योग्य एवं मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त करने की प्रार्थना करती हैं।
सावन के इस पावन पर्व पर झूले, लोकगीत, पारंपरिक रीति-रिवाज और आपसी मिलन भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करते हैं। हरियाली तीज केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि पति-पत्नी के अटूट प्रेम, मायके के स्नेह, पारिवारिक रिश्तों और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।







