कोटा/कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा शंभूपुरा ग्रोथ सेन्टर एकीकृत योजना के अन्तर्गत सीए नगर में कम्पनी सेक्रेटरीज के लिए एक विशेष आवासीय योजना की शुरुआत की गई है। योजना की लॉन्चिंग के अवसर पर प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल एवं सचिव मुकेश कुमार चौधरी के साथ वित्त निदेशक रोहित दीक्षित, राजस्व सलाहकार परमानन्द गोयल, कंपनी सेक्रेट्रीज (ICSI) कोटा चैप्टर के अध्यक्ष कमल सोनी, पूर्व अध्यक्ष अक्षय गुप्ता तथा सहायक लेखाधिकारी नरेंद्र जैन भी उपस्थित रहे।
प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने इस अवसर पर बताया कि यह योजना विशेष रूप से कम्पनी सेक्रेटरीज के आवास का सपना पूरा करने की दृष्टि से तैयार की गई है, जो निकट भविष्य में उनके लिए एक बेहतरीन आवासीय विकल्प सिद्ध होगी।
प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने योजना का विवरण देते हुए बताया कि आईसीएसआई के एनआईआरसी कोटा चैप्टर के सदस्यों के लिए लाई गई इस योजना में कुल 90 भूखण्ड हैं, जिनमें प्रत्येक भूखण्ड का आकार 112.5 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि शंभूपुरा एकीकृत ग्रोथ सेंटर योजना के अंतर्गत पूर्व में ट्रांसपोर्ट नगर, सीए नगर, व्यावसायिक गोदाम, होलसेल मार्केट एवं ट्रक रिपेयर्स वर्कशॉप नगर जैसी योजनाओं को आमजन और व्यवसायियों का उत्कृष्ट रिस्पॉन्स मिला है।
योजना में आवेदन के इच्छुक सदस्य निर्धारित आवेदन पत्र केडीए परिसर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्रों की बिक्री 17 अगस्त 2026 से प्रारम्भ होगी तथा विधिवत भरे हुए आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 16 सितम्बर निर्धारित की गई है। प्राधिकरण ने इच्छुक आवेदकों से अंतिम तिथि से पूर्व ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की है।
सचिव चौधरी ने क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शंभूपुरा ग्रोथ सेंटर प्राधिकरण की एक वृहद परियोजना है। इस योजना क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सुव्यवस्थित पार्क, पी-यू, ओ-सी-एफ, भव्य प्रवेश द्वार और 120 फीट मुख्य मार्ग से कनेक्टिविटी का विशेष प्रावधान किया गया है। भविष्य में इस क्षेत्र में और भी नई आवासीय योजनाएं लॉन्च करने की तैयारी चल रही है।
इसके अतिरिक्त, इस योजना के समीप ही लगभग 750 हैक्टेयर में एयरोसिटी योजना के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करवाई जा रही है। साथ ही निर्माणाधीन कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट दिसम्बर 2027 तक पूर्ण होकर उड़ानों के लिए तैयार होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। क्षेत्र में औद्योगिक विकास और बेहतर लॉजिस्टिक्स को गति देने के लिए रीको (RIICO) को लगभग 600 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित की गई है, जहाँ एग्रो-प्रोसेसिंग, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक उद्योग स्थापित होंगे। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से पूरे हाड़ौती अंचल में बड़े पैमाने पर नए निवेश आकर्षित होंगे और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे।







