-बिगुल जैन ✍️
कोटा/ श्री हिंदी साहित्य समिति की मासिक काव्य गोष्ठी आर्य समाज भीमगंज मंडी के संयुक्त तत्वावधान में सुरेंद्र सिंह गौड़ ने राजस्थानी कविता संग्रह “बंजूको” के विमोचन के उपलक्ष में आयोजित की। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के पाठ्य पुस्तक मंडल के ट्रस्टी अरविंद सिसोदिया ने अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध रचनाकार जितेंद्र निर्मोही, कथाकार रघुराज सिंह कर्मयोगी अध्यक्ष श्री हिंदी साहित्य समिति कोटा रहे। आर्य समाज संस्था के महासचिव लीलाधर फौजदार सिंह फौजदार एवं जयलाल सोनइयां विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंच पर शोभायमान थे। काव्य गोष्ठी का सफल संचालन कमलेश कमल ने किया। मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के बाद रघुनंदन हटीला ने मां सरस्वती की वंदना कर काव्य गोष्ठी का विधिवत आगाज किया।
मंचासीन कवियों का स्वागत सत्कार के बाद प्रथम कवि के रूप में मयंक सोलंकी ने काव्य गोष्ठी का उद्घाटन किया। फिर योगेश आर्य, जय लाल सोनइयां, भूमिका सोनइयां,रामकरण प्रभाती, बृजेंद्र सिंह झाला, गौरी शंकर जोशी,सीमातबस्सुम, दीनानाथ त्रिपाठी, रघुनंदन हटीला, कालीचरण राजपूत, सतीश चंद्र सोनी, विजय कुमार शर्मा, जितेंद्र निर्मोही, रघुराज सिंह कर्मयोगी, लीलाधर फौजदार, अरविंद सिसोदिया, सुरेंद्र सिंह गौड़, खुशीराम सिंह चौधरी ने विभिन्न रसों की कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। देवेंद्र कुमार शर्मा ने बांसुरी की धुन से उपस्थित श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया।
इस अवसर पर अथिति कवियों ने सुरेंद्र सिंह गौड़ द्वारा राजस्थानी भाषा में लिखी गई “बजूको” पुस्तक का लोकार्पण संपन्न हुआ। उनके द्वारा बजूको पुस्तक के कलेवर पर कविताएं सुना कर चर्चा की। इस पुस्तक की भूमिका जितेंद्र निर्मोही ने लिखी है। उन्होंने भी पुस्तक पर विस्तार से अपने विचार रखें। रघुराज सिंह कर्मयोगी ने सुरेंद्र सिंह गौड़ को उनके 84वें जन्मदिन पर दीर्घायु होने के लिए शुभकामनाएं दीं। रघुराज सिंह कर्मयोगी ने श्रृंगार की कविता “आओ मिलकर प्यार लिखें हम। प्रीत के गीत सुगंध लिखें हम” सुनाकर खूब दाद बटोरी।






