Thursday, August 6, 2026
Screenshot_2026-02-16-14-04-33-20_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

राज्य सरकार संविधान की भावना के अनुरूप ओ बी सी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में विफल : राजेन्द्र सेन

– महावीर सेन जयस्थल (बूंदी)

कोटा/प्रदेश में निकाय एवं पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर बहस तेज हो गई है। सदस्य ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल एवं पूर्व नेशनल कॉर्डिनेटर, अखिल भारतीय कांग्रेस ओबीसी विभाग राजेन्द्र सेन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संविधान की भावना के अनुरूप ओबीसी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में विफल रही है और कई स्थानों पर 21 प्रतिशत से भी कम आरक्षण दिया जा रहा है।

राजेन्द्र सेन ने कहा कि ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग के अनुसार प्रदेश में ओबीसी की आबादी लगभग 3.80 करोड़ आंकी गई है, जो कुल अनुमानित आबादी का करीब 45 प्रतिशत है। वहीं कई सामाजिक संगठनों के अनुसार प्रदेश में ओबीसी की आबादी 55 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है। ऐसे में स्थानीय निकायों और पंचायतों में ओबीसी को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 14,403 ग्राम पंचायतें तथा 309 नगरीय निकायों में 10,245 वार्ड हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग ढाई हजार सरपंच पद और करीब 1,800 पार्षद सीटें ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने की संभावना है। जबकि टोटल पंचायत और निकायों का 21प्रतिशत 3024 और वार्ड 2151 होती है तो सरकार 21प्रतिशत आरक्षण भी ओ वी सी को नहीं देना चाहती हैं इसके बावजूद कई निकायों और पंचायतों में ओबीसी आरक्षण 21 प्रतिशत से कम रहने पर उन्होंने सवाल उठाए।

सेन ने कहा कि पूर्व के निकाय और पंचायत चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि करीब 40 प्रतिशत सीटों पर ओबीसी उम्मीदवार विजयी हुए, क्योंकि आरक्षित सीटों के साथ-साथ सामान्य वर्ग की सीटों पर भी ओबीसी उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहतर रहा है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन निकायों और पंचायतों में ओबीसी आरक्षण 21 प्रतिशत से कम निर्धारित किया गया है, वहां उसका स्पष्ट आधार सार्वजनिक किया जाए तथा संविधान की भावना और वास्तविक जनसंख्या के अनुरूप ओबीसी वर्ग को न्यायपूर्ण राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles