Friday, October 30, 2026
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गुड न्यूज़ :भारतीय रेल की माल परिवहन क्रांति का नया अध्याय: देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू का कोटा मंडल में ट्रायल प्रारंभ

कोटा मंडल बना देश की सबसे आधुनिक हाई-स्पीड फ्रेट तकनीक की परीक्षण प्रयोगशाला, पहले ही दिन 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हुआ सफल परीक्षण

कोटा। भारतीय रेलवे के माल परिवहन क्षेत्र में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल से हो रही है। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के व्यापक तकनीकी परीक्षणों का शुभारंभ आज 29 जुलाई  को हो गया। लगभग एक माह तक चलने वाले इन परीक्षणों के दौरान यह अत्याधुनिक रेक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न गति एवं परिचालन परिस्थितियों में परखी जाएगी। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के भविष्य के हाई-स्पीड फ्रेट नेटवर्क की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

यह देश की पहली 16 कोच वाली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू प्रोटोटाइप रेक है, जिसे भारतीय रेलवे की तेज, समयबद्ध एवं आधुनिक पार्सल तथा लॉजिस्टिक्स सेवाओं को नई गति देने के उद्देश्य से एकीकृत कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है। वंदे भारत तकनीक पर आधारित यह रेक भविष्य में देशभर में ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स तथा समयबद्ध माल परिवहन की अवधारणा को नया आयाम प्रदान करेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  सौरभ जैन ने बताया कि अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा किए जा रहे इन परीक्षणों के लिए यह प्रोटोटाइप रेक आईसीएफ चेन्नई से कोटा मंडल पहुंची है। अब भारतीय रेलवे के सर्वाधिक उपयुक्त हाई-स्पीड परीक्षण कॉरिडोर में शामिल कोटा -नागदा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर इसके विस्तृत तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ट्रायल श्रृंखला का औपचारिक संचालन आज 29 जुलाई  से प्रारंभ हुआ। पहले दिन विशेष ट्रायल रेक प्रातः 6 बजे कोटा से महिदपुर रोड के लिए रवाना हुई। कोटा-महिदपुर रोड खंड में 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गैर-रिकॉर्डेड गति, महिदपुर रोड -भवानी मंडी खंड में 120 एवं 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रिकॉर्डेड गति से परीक्षण किए गए। इसके बाद महिदपुर रोड से कोटा वापसी के दौरान रेक ने 145 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति प्राप्त की, जो इस ट्रायल श्रृंखला के प्रथम दिन की सर्वोच्च गति रही। परीक्षण के दौरान स्टेशनों पर निर्बाध ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराकर ट्रायल को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

लगभग एक माह तक होंगे अत्याधुनिक परीक्षण

जैन ने बताया कि 29 जुलाई  से लगभग एक माह तक नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न चरणों में विस्तृत परीक्षण किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से—

• लोडेड एवं इनफ्लेटेड स्थिति में 120, 130, 140 एवं 145 किमी प्रति घंटा की गति पर ऑसिलेशन ट्रायल

• इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) परीक्षण

• कपलर फोर्स ट्रायल

• कर्व परफॉर्मेंस परीक्षण

• ट्रैक्शन, ब्रेकिंग एवं जर्क टेस्ट

• रीजनरेटिव एनर्जी एवं पीएपीआईएस परीक्षण

• सिग्नल एवं दूरसंचार इंटरफेरेंस परीक्षण

• डोर ऑपरेशन एवं अन्य सुरक्षा परीक्षण

• इंटीरियर सिस्टम, सीसीटीवी, लाइटिंग एवं शॉर्ट सर्किट संबंधी स्टेटिक परीक्षण

संपन्न किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान प्रतिदिन न्यूनतम दो फेरे संचालित किए जाएंगे। अधिकतम परीक्षण गति 145 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

कोटा मंडल क्यों बना हाई-स्पीड फ्रेट ट्रायल का केंद्र

देश की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं के परीक्षण के लिए कोटा मंडल लगातार भारतीय रेलवे की पहली पसंद बनता जा रहा है। उत्कृष्ट ट्रैक गुणवत्ता, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली, उच्च परिचालन दक्षता तथा सुरक्षित एवं लंबा हाई-स्पीड रेलखंड उपलब्ध होने के कारण यहां पहले भी अनेक अत्याधुनिक ट्रेनसेट एवं नई तकनीकों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। अब देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का ट्रायल भी इसी रेलखंड पर होना कोटा मंडल की तकनीकी विश्वसनीयता एवं परिचालन उत्कृष्टता का प्रमाण है।

ट्रायल दल

इस महत्वपूर्ण परीक्षण की समग्र निगरानी आरडीएसओ के निदेशक/टेस्टिंग  अनन्जय मिश्रा, अभ्यंकर कमल कुमार,संजीव कुमार रंजन कर रहे हैं। आईसीएफ चेन्नई से सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर  सुधांशु कुमार ट्रायल दल के साथ उपस्थित हैं। कोटा मंडल की ओर से मुख्य लोको निरीक्षक रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक श्री सुशील जेठवानी तथा ट्रेन मैनेजर  संजीव को इस विशेष रेक के संचालन हेतु तैनात किया गया है। रेक का संचालन लोको पायलट  अरविंद कुमार सिंह एवं ओमप्रकाश राठौर द्वारा किया जा रहा है।

वंदे भारत तकनीक पर आधारित आधुनिक फ्रेट ईएमयू

यह अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू 16 कोचों की रेक है, जिसमें 2 डीटीसी (रेफर वैन), 2 एनडीटीसी तथा 12 पार्सल कोच शामिल हैं। इसमें वंदे भारत बोगियां, 20.32 टन एक्सल लोड क्षमता तथा 397.02 टन की कुल पेलोड क्षमता उपलब्ध है।

इसमें रेफ्रिजरेटेड पार्सल सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन, न्यूमेटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोर, प्रति कोच चार स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग द्वार, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग, अग्नि पहचान प्रणाली, कंटेनर लॉकिंग व्यवस्था तथा वंदे भारत ट्रेनसेट जैसी अत्याधुनिक ब्रेक एवं प्रोपल्शन प्रणाली उपलब्ध है। सुरक्षा की दृष्टि से 5 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति पर सभी द्वार स्वतः लॉक हो जाते हैं तथा सभी द्वार बंद होने की पुष्टि के बिना रेक का संचालन संभव नहीं है।

भारतीय रेलवे का मानना है कि इस फ्रेट ईएमयू की सफलता भविष्य में देश के हाई-स्पीड पार्सल कॉरिडोर, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, शीतित माल परिवहन तथा समयबद्ध फ्रेट सेवाओं को नई दिशा देगी। वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ होने के बाद यह रेक माल परिवहन को पारंपरिक व्यवस्था से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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