Monday, July 20, 2026
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रेल परिसर में थूकने, कचरा फैलाने या गंदगी करने पर लगेगा 200 से 500 रुपये तक जुर्माना

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने जारी की अपराधों, जुर्माना राशि और अधिकृत अधिकारियों की जानकारी, अब आरपीएफ के एएसआई व उससे वरिष्ठ अधिकारी भी वसूल सकेंगे जुर्माना

कोटा। रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म एवं ट्रेनों में स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय रेल ने यात्रियों से स्वच्छता नियमों का पालन करने की अपील की है। रेलवे परिसर में थूकने, कचरा फैलाने, गंदगी करने अथवा स्वच्छता संबंधी नियमों का उल्लंघन करने पर 200 रुपये से 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेल प्रशासन ने विभिन्न अपराधों, निर्धारित जुर्माना राशि तथा जुर्माना वसूलने के लिए अधिकृत अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक की है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  सौरभ जैन ने बताया कि भारतीय रेलवे (रेलवे परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों हेतु जुर्माना) नियम, 2012 के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) एवं उससे वरिष्ठ अधिकारियों को भी अब जुर्माना वसूलने के लिए अधिकृत किया गया है।

200 रुपये जुर्माने वाले अपराध

रेलवे परिसर अथवा ट्रेन में निर्धारित स्थान के अतिरिक्त थूकना तथा कचरा फेंकना या जमा करना छोटे अपराध (माइनर ऑफेंस) की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में 200 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

500 रुपये जुर्माने वाले अपराध

निर्धारित स्थान के अतिरिक्त शौच या पेशाब करना, रेलवे संपत्ति पर पोस्टर चिपकाना, लिखावट या चित्र बनाकर उसे क्षति पहुंचाना, स्टेशन परिसर में पशु-पक्षियों को भोजन कराना, वाहन की धुलाई अथवा मरम्मत करना, निर्धारित स्थान के अतिरिक्त सामान का भंडारण करना, खुले में कपड़े या बर्तन धोना अथवा स्नान करना तथा अधिकृत विक्रेताओं या ठेकेदारों द्वारा निर्धारित व्यवस्था के विपरीत कचरा फैलाना बड़े अपराध (मेजर ऑफेंस) की श्रेणी में आता है। इन मामलों में 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।

जुर्माना वसूलने के लिए कौन हैं अधिकृत

रेल प्रशासन के अनुसार जुर्माना वसूलने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों को ही है। इनमें स्टेशन मास्टर/स्टेशन मैनेजर, वाणिज्य विभाग के टिकट परीक्षक (टीटीई) एवं उससे वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक/स्वास्थ्य निरीक्षक तथा रेलवे सुरक्षा बल के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) एवं उससे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

आरपीएफ के कांस्टेबल अथवा जवान स्तर के कर्मचारी इन नियमों के अंतर्गत जुर्माना वसूलने के लिए अधिकृत नहीं हैं। यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति जुर्माना वसूलने का प्रयास करता है तो यात्री इसकी सूचना तत्काल स्टेशन प्रबंधन, आरपीएफ अथवा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को दें।

उन्होंने यात्रियों से अपील की कि रेलवे स्टेशन एवं ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें। निर्धारित डस्टबिन का उपयोग करें, प्लेटफॉर्म एवं रेल डिब्बों में कचरा न फैलाएं तथा स्वच्छता नियमों का पालन कर सभी यात्रियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुखद यात्रा वातावरण बनाए रखने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

 

 

 

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