भारत सिंह चौहान
कोटा/केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के 57वें जन्मदिवस को उनके प्रशंसकों ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ यादगार बना दिया। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड, स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में “जितने पौधे, उतने वृक्ष” थीम के अंतर्गत 57 पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व शिक्षा सहकारी अध्यक्ष एवं स्काउट-गाइड जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने किया।
प्रकाश जायसवाल ने बताया कि श्री भूपेंद्र यादव के पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के संवर्धन के प्रति समर्पित कार्यों से प्रेरित होकर इस बार जन्मदिवस को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का निर्णय लिया गया। इसी उद्देश्य से आम, आंवला, पारस पीपल, जामुन, कदम और शहतूत सहित विभिन्न प्रजातियों के 57 पौधे लगाए गए। साथ ही पक्षियों के लिए दाना-पानी के स्थायी स्थल तैयार कर नियमित रूप से दाना और स्वच्छ जल की व्यवस्था भी शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर “वन एवं वन्य जीव संरक्षण अभियान” की भी शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से वर्षभर वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा पर्यावरण जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष बनने तक उनकी निरंतर देखभाल सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्काउट-गाइड, रेंजर्स, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए वर्षभर में 2100 पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें विकसित वृक्ष बनाने का प्रण लिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाए और प्रकृति संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।
इस अवसर पर समाजसेवी एवं शिक्षाविद सूरज भान शर्मा, मीनाक्षी महावर, नीलम पारेता, अंतिमा मेहरा , कार्तिक जायसवाल एवं पायल पंकज ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में कल्याणी ओपन रेंजर टीम की रेंजर्स, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय आंवली के स्काउट-गाइड, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल, पक्षियों के लिए दाना-पानी की निरंतर व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान आने वाले समय में जनआंदोलन का स्वरूप लेकर हरित राजस्थान और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






