-भारत सिंह चौहान की रिपोर्ट
अमृतम सेवा संस्थान की अनूठी पहल; समाज के सहयोग से मानवता, सामाजिक उत्तरदायित्व और बेटी सम्मान का दिया संदेश
कोटा। सामाजिक सरोकारों को सेवा का स्वरूप देते हुए अमृतम सेवा संस्थान के तत्वावधान में गूंज महिला मंडल, यादव समाज ने एक बार फिर अनुकरणीय पहल करते हुए पिता का साया खो चुकी एक बेटी का विवाह पूरे सामाजिक सम्मान के साथ संपन्न कराया। शहीद पन्नालाल छात्रावास स्थित मैरिज गार्डन में आयोजित इस समारोह में समाज की सहभागिता और सामूहिक सहयोग ने मानवता की मिसाल पेश की।
विवाह के अवसर पर नवदंपती को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए सोने की लौंग, बिछिया, पलंग, कूलर, पंखे, सिलाई मशीन, डिनर सेट सहित कुल 32 प्रकार की गृहस्थी सामग्री भेंट की गई। समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने उपस्थित होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना की।
गूंज महिला मंडल की फाउंडर प्रेसिडेंट ज्योति ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बेटियों को सम्मानपूर्वक नया जीवन देने का है। उन्होंने कहा कि समाज के सामूहिक सहयोग से इस प्रकार के सेवा कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
महिला मंडल की सदस्यों ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में गूंज महिला मंडल की उपाध्यक्ष रानी सिंह, लक्ष्मी यादव, अनीता यादव, डॉ. शशि यादव, बीना यादव, मोहनी यादव, सुनीता वर्मा, शशि सिंह, कमलेश यादव, भारती यादव, रितिका यादव, अनुपम सिंह, रश्मि सिंह, स्वाति पोरवाल, सुषमा सोन, दीपा यादव, मधु यादव, नंदनी यादव, सीमा यादव, रेखा पोरवाल, मृदुला यादव, ज्योति वाला, मीनाक्षी भट्ट, सरोज यादव एवं रेखा यादव की उल्लेखनीय सहभागिता रही। सभी सदस्यों ने विवाह की तैयारियों से लेकर आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं तक अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन किया।
सम्मेलन समिति ने संभाली आयोजन की कमान
कार्यक्रम के सफल संचालन में सम्मेलन समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें शिवचरण यादव (ठेकेदार), जगदीश यादव (ठेकेदार), शोभाराम जी, निर्मल हरि सिंह यादव, श्याम यादव, नरेंद्र यादव, विजय बाकोलिया तथा कार्यक्रम संयोजक प्रदीप यादव की सक्रिय भागीदारी रही।
समारोह के समापन पर सम्मेलन समिति के पदाधिकारियों ने आयोजन में योगदान देने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं महिला मंडल की सदस्यों का माला एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। उपस्थित समाजजनों ने इस पहल को सामाजिक एकजुटता, बेटी सम्मान और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरणादायी उदाहरण बताते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय प्रयास बताया।






