बारहवीं में बायोलॉजी विषय की बालिका कर सकती है आवेदन ,19 एम्स में प्रवेश का सुनहरा अवसर
डॉ.नयन प्रकाश गांधी ,करियर एक्सपर्ट एनएलपी लाइफ कोच
भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में ‘नर्सिंग’ रीढ़ की हड्डी के समान है। विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से, देश में भारत सरकार के प्रतिष्ठित एक मात्र अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से चार वर्षीय डिग्री बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग करना एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। यह न केवल एक प्रतिष्ठित डिग्री है, बल्कि देश की बेटियों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानित और गौरवशाली सरकारी करियर की ठोस संभावनाएं भी प्रदान करती है। वर्तमान में, एम्स द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और इस वर्ष 2026 के सत्र में देश के उन्नीस एम्स में प्रवेश की आवेदन की अंतिम तिथि कल यानिकि दस मई है।

बालिकाओं के लिए विशेष अवसर और निःशुल्क शिक्षा
एम्स बीएससी नर्सिंग (ऑनर्स) कोर्स की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह विशेष रूप से केवल बालिकाओं के लिए है। केंद्र सरकार की इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही, एम्स में शिक्षा की लागत न के बराबर है। यहाँ शिक्षा लगभग निःशुल्क प्रदान की जाती है,जो माननीय प्रधानमंत्री जी की उत्कृष्ट पहल है ,आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री की बदौलत एक से सीधे दो नहीं तीन नहीं पांच नहीं उन्नीस एम्स प्रारंभ हो चुके है, बहुत ही मामूली फीस के साथ छात्राओं को विश्वस्तरीय हॉस्टल सुविधाएं, अत्याधुनिक लैब और बेहतरीन शैक्षणिक माहौल मिलता है। यह उन मेधावी छात्राओं के लिए एक वरदान है जो आर्थिक सीमाओं के कारण उच्च चिकित्सा शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।

एम्स: गुणवत्ता और प्रतिष्ठा का प्रतीक
एम्स केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा का एक वैश्विक मानक है। यहाँ से नर्सिंग करने का अर्थ है कि छात्रा को देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संसाधनों और अनुभवी चिकित्सकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित होने का अवसर मिलता है। यहाँ का प्रशिक्षण छात्र को व्यावहारिक कौशल में इतना निपुण बना देता है कि उनकी मांग देश-विदेश के हर बड़े अस्पताल में रहती है। करियर एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि जो भी बारहवीं पीसीबी बायोलॉजी से कम से कम 55 प्रतिशत से पास आउट है (जनरल ओबीसी) और एससी एसटी के लिए 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। यह जरूरी ही की दस मई से पहले आवेदन कर दे ,उसके बाद जून में आयोजित परीक्षा में बहुत ही सामान्य रूप से एक छोटा सा लघु अवधि का कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा जिसके केंद्र लगभग हर राज्य में होंगे ,जो जिस राज्य का है वह वही के दिए गए केंद्र में परीक्षा दे सकेगा ,कई बड़े शहरों में इसके परीक्षा केंद्र होंगे इस परीक्षा में भौतिक विज्ञान ,जीव विज्ञान ,रसायन विज्ञान के तीस तीस प्रश्न पूछे जाएंगे जो स्कूल की एनसीआरटी बुक्स (ग्यारहवीं और बारहवीं) से पूछे जाएंगे ,यानिकि कुल 90 मार्क्स कोर विषय एवं बाकी दस मार्क्स के सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे जाएंगे कुल 100 अंकों का पेपर होगा ,गलत उतर देने पर नेगेटिव मार्किंग भी होगी ,यह परीक्षा नीट के तुलना में काफी आसान होती है ,इसी परीक्षा में प्राप्ताक के आधार पर मेरिट बनती है और काउंसलिंग में एम्स कॉलेज मिलता है ।
सरकारी नौकरी की असीम संभावनाएं
बीएससी नर्सिंग के बाद सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की भरमार है। विशेष रूप से एम्स से उत्तीर्ण छात्राओं के लिए ‘नर्सिंग ऑफिसर’ बनने का मार्ग अत्यंत सुगम हो जाता है ।केंद्र सरकार के अस्पतालों और विभिन्न राज्यों के एम्स में बड़ी संख्या में नियमित भर्तियां निकलती हैं, जहाँ वेतनमान और सुविधाएं बेहद आकर्षक होती हैं।
भारतीय सेना और रेलवे के अस्पतालों में भी नर्सिंग प्रोफेशनल्स के लिए नियुक्तियां की जाती हैं।
सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता
नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। यह पेशा एक बालिका को न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाता है, बल्कि समाज में ‘सेवा की प्रतिमूर्ति’ के रूप में एक गरिमामयी स्थान भी दिलाता है। ‘युवा निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए बेटियों का इस क्षेत्र से जुड़ना राष्ट्र के स्वास्थ्य भविष्य के लिए अनिवार्य है।
अंतिम समय की चेतावनी
यदि आप या आपके परिवार की बेटी इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती है, तो समय बहुत कम बचा है। आवेदन की अंतिम तिथि कल होने के कारण वेबसाइट पर तकनीकी दबाव बढ़ सकता है। अतः अंतिम घंटों का इंतजार किए बिना तुरंत पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें। नजदीकी ईमित्र पर जाकर शैक्षणिक दस्तावेज ,आईडी प्रूफ ,फोटो , स्कैन हस्ताक्षर एवं अन्य आवश्यकताएं पूरी कर आवेदन करे और अगले एक महीने के लिए इस प्रतियोगी परीक्षा के लिए कमर कस ले ,ध्यान रहे नीट यूजी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को भी एम्स से बीएससी नर्सिंग ऑनर्स हेतु प्रवेश के लिए यह परीक्षा देना अनिवार्य है ,इसमें नीट स्कोर मान्य नहीं होगा । लगभग निःशुल्क शिक्षा, विश्वस्तरीय संस्थान और सुरक्षित सरकारी नौकरी,एम्स बीएससी नर्सिंग ऑनर्स इन तीनों का एक दुर्लभ संगम है। यह अवसर देश की बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए है। कल की प्रतीक्षा न करें, आज ही अपने सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं। पाठकों हेतु निःशुल्क करियर सलाह के लिए करियर एक्सपर्ट से सीधे 8107055398 पर संपर्क कर सकते है ।






