Friday, May 8, 2026
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श्री मंगलमय चमत्कारी धाम में 14 मई को होगी सवा पांच फीट ऊंचे नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना

भारत सिंह चौहान

​कोटा, 7 मई। विज्ञान नगर स्थित श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में 14 मई को होगी सवा पांच फीट ऊंचे नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। जिसके प्रतिष्ठा कार्यक्रम और शिवशक्ति यज्ञ शुक्रवार से मंदिर प्रांगण में शुरु होंगे। यज्ञ में प्रतिदिन 11 हजार आहुतियां दी जाएंगी। समिति के महंत पंडित अशोक तिवारी ने बताया कि मंदिर परिसर में भव्य शिव-पार्वती विवाह महोत्सव, प्राण प्रतिष्ठा, पंच कुंडीय महायज्ञ और 108 श्रीमद् भागवत मूल पाठ का आयोजन किया जा रहा है। इस 10 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन 15 मई 2026 को विशाल भंडारे के साथ होगा।

महंत श्री तिवारी ने बताया कि आगामी 14 मई को नवनिर्मित शिवालय में शिव परिवार एवं दिव्य शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस शिवालय का निर्माण विशेष स्थापत्य कला के अनुरूप किया गया है। जिसमें 25×25 फीट का अष्टभुजाकार रंग मंडप और 27×27 फीट का गर्भगृह बनाया गया है। स्थापना के लिए विशेष रूप से नर्मदा तट (ओंकारेश्वर) से सवा 5 फीट ऊंचा और ढाई फीट मोटाई का ‘नर्मदेश्वर शिवलिंग’ मंगवाया गया है। इसके साथ ही भगवान शंकर, माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश जी की 27 इंच की प्रतिमाएं तथा 41 इंच के नंदी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

पंच कुंडीय महायज्ञ और अधिवासन प्रक्रिया

​उन्होंने बताया कि अग्नि अखाड़े के महंत श्री गोपालानंद महाराज के सानिध्य में ‘शिव शक्ति यज्ञ’ संपन्न होगा। इसमें वृंदावन, उज्जैन, काशी और स्थानीय ब्राह्मणों सहित कुल 139 विद्वान पंडित मंत्रोच्चार करेंगे। प्रतिदिन पांच कुंडों में 11,000 आहुतियां दी जाएंगी। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान शास्त्रों में वर्णित विभिन्न अधिवासन पूर्ण किए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से ​जलाधिवास, अन्नाधिवास, ​पुष्पाधिवास, ​फलाधिवास, ​घृताधिवास, ​शर्कराधिवास, ​शैयाधिवास आदि शामिल हैं। इस दौरान चारों वेदों का सस्वर पाठ और भागवत जी का ज्ञान गान वातावरण को मंगलमय बनाएगा। यज्ञ का समय प्रतिदिन प्रातः 6:30 से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है।

शिव बारात और विवाह महोत्सव

​उत्सव के आकर्षण के केंद्र में 12 मई को शाम 6 बजे निकलने वाली ‘भव्य शिव बारात’ होगी। इसमें भगवान भोलेनाथ नंदी पर सवार होंगे, जबकि भगवान विष्णु गरुड़ पर और माता लक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति व हनुमान जी की झांकियां बग्घियों में सजेंगी। बारात में सप्त ऋषि मंडल, अघोरी दल और ढोल-ताशा दल श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगे। अगले दिन 13 मई को गोधूलि बेला (शाम 6:30 बजे) में दिव्य शिव-पार्वती विवाह का रस्मों-रिवाज के साथ आयोजन होगा। ​धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन 15 मई को मंदिर परिसर में एक विशाल ‘आम भंडारा’ आयोजित होगा, जो ‘प्रभु इच्छा तक’ अनवरत चलेगा।

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