कोटा/न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की हुई दर्दनाक मौतों ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस गंभीर मामले को लेकर बुधवार को महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के नेतृत्व में प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने कहा कि यह घटना मात्र लापरवाही नहीं, बल्कि अस्पताल प्रशासन की घोर उदासीनता, अव्यवस्था और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का ज्वलंत उदाहरण है।
जिस अस्पताल में महिलाएं सुरक्षित प्रसव कर एक नए जीवन को जन्म देने की उम्मीद लेकर आती हैं, उसी स्थान पर उनकी जान चले जाना अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रसूता महिलाओं के जीवन के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अमानवीय ही नहीं बल्कि अस्वीकार्य अपराध है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला कांग्रेस ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट मांग रखी कि—
1. पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच करवाई जाए।
2. दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर, दंडात्मक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
3. पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा एवं न्याय दिया जाए।
4. अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार कर भविष्य के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए।
शालिनी गौतम ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में जल्द और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र जन आंदोलन करेगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान स्वाति अग्रवाल, लक्ष्मी वर्मा, कमलेश कुमारी, करण सिंह नायक, रोहित प्रजापति आदि कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे ।










