कोटा /राजस्थान में वर्तमान न्यूनतम मजदूरी की दरों को लेकर निविदा ठेका कर्मचारियों और मजदूर संगठनों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभिन्न विभागों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में लागू न्यूनतम मजदूरी की दरों को सम्मानजनक बनाया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के इस दौर में मजदूर वर्ग अपना जीवन यापन सही ढंग से कर सके।
कर्मचारियों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों — जैसे भोजन, किराया, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और परिवहन — के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन मजदूरी की दरें उसी अनुपात में नहीं बढ़ाई जा रही हैं। इससे श्रमिक वर्ग आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
मजदूर संगठनों एवं निविदा ठेका कर्मचारियों ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि प्रदेश में नया श्रम कानून (लेबर कानून) लागू किया जाए तथा अर्द्ध कुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में तत्काल वृद्धि की जाए।
कर्मचारियों ने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील करते हुए कहा कि राजस्थान के लाखों मजदूरों एवं ठेका कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी की दरें बढ़ाकर राहत प्रदान की जाए।
श्रमिकों का कहना है कि यदि मजदूरी दरों में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जा सकता है। कर्मचारियों ने सरकार से श्रमिक हितों को प्राथमिकता देते हुए महंगाई के अनुरूप वेतन संरचना लागू करने की मांग की है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
• न्यूनतम मजदूरी दरों में तत्काल वृद्धि
• नया श्रम कानून लागू किया जाए
• अर्द्ध कुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रमिकों के लिए अलग एवं सम्मानजनक वेतनमान
• महंगाई के अनुसार मजदूरी दरों का समय-समय पर पुनरीक्षण
• ठेका कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
कर्मचारियों का कहना है कि “सम्मानजनक मजदूरी हर श्रमिक का अधिकार है, और सरकार को मजदूर वर्ग के हित में जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।”










