कोटा/नेशनल कांग्रेस वर्कर्स कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं हाड़ौती के वरिष्ठ समाजसेवी आबिद खान ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील देश के किसानों, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों और युवाओं के हितों के खिलाफ है।
आबिद खान ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस समझौते से विशेष रूप से कपास और सोयाबीन उत्पादकों को भारी नुकसान होगा। सरकार ने जानबूझकर छोटे व्यापारियों, युवाओं और स्थानीय कारोबारियों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत की यूरोपीय संघ के साथ हुई ट्रेड डील एक पारस्परिक समझौता है, लेकिन अमेरिका के साथ किया गया समझौता दबाव में किया गया प्रतीत होता है। यह एकतरफा रवैये को दर्शाता है।
आबिद खान ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है जैसे देश के व्यापारिक निर्णय अमेरिका के इशारे पर लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री भी इस दबाव के आगे असहाय नजर आ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि देशहित में इस समझौते की समीक्षा की जाए और किसानों व छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।






