कोटा/शिव भगवती मंदिर तलवंडी में शिव भगवती मंदिर समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्री कृष्ण की जन्म लीला का मंचन धूम- धाम से मनाया ।
शिव भगवती मंदिर के संरक्षक विकास गोयल एव डॉ आर बी गुप्ता ने बताया की कथा वाचक आचार्य हरीश मुद्गल द्वारा देव ऋषि पितृ यज्ञों का परिचय तथा वैदिक ऋषियों के जीवन तथा प्राचीन भारतीय आर्यों के द्वारा स्थापित मानव जीवन प्रधान वैदिक सोलह संस्कारों पर प्रकाश डाला ।
सभी भक्तों ने श्री कृष्ण जन्म उत्सव धूम धाम से मनाया गया ।
श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण है। यह कथा हमें भगवान के अवतार के महत्व और उनके प्रेम के बारे में सिखाती है।
भगवान श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था, जहां उनके माता-पिता देवकी और वसुदेव थे। उनके जन्म के समय, कंस ने उनकी हत्या करने का प्रयास किया, लेकिन भगवान ने अपने पिता वसुदेव को उन्हें गोकुल ले जाने का आदेश दिया, जहां उनका पालन-पोषण नंद और यशोदा ने किया।
श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा गया है की “देवकी और वसुदेव के घर में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ, और उस समय आकाश में देवताओं ने पुष्प वर्षा की। भगवान के जन्म के समय, कंस के कारागार में प्रकाश फैल गया, और सभी शृंखलाएं टूट गईं।”
भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा हमें सिखाती है कि भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा के लिए आते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।
आइए, हम भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा को अपने जीवन में अपनाएं और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का प्रयास करें।
कथा में स्थानीय पार्षद योगेश राणा और मंदिर समिति की अध्यक्ष सीमा गोयल , गीता मिश्रा , लादूलाल जांगिड़ , पंडित केशव शर्मा , राधेश्याम विजय , श्रीनाथ शर्मा , डॉ सत्यप्रकाश मिश्र , कैलाश चंद भण्डारी , विष्णु गोयल , संरक्षक डॉ रामबाबू गुप्ता उस्पथित रहे !
शिव भगवती मंदिर समिति के संरक्षक डॉ राम बाबू गुप्ता ने बताया की दिनांक 8 फरवरी को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी । शिव भगवती मंदिर से जुड़े सभी महिला एव पुरुष विराट हिन्दू सम्मेलन में शामिल होंगे ।






