कोटा।पत्रकारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई चन्द्रेसल पत्रकार आवासीय योजना पिछले लगभग दो वर्षों से अधर में लटकी हुई है। इस योजना के अंतर्गत नगर विकास न्यास (यूआईटी) कोटा द्वारा भूखण्ड आवंटन के लिए पात्र पत्रकारों से 72 हजार रुपये प्रति पत्रकार की राशि जमा करवाई गई थी, लेकिन अब तक न तो लॉटरी खोली गई है और न ही भूखण्डों का आवंटन किया गया है।
एसोसिएशन ऑफ स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स ऑफ इंडिया की ओर से इस गंभीर विषय को लेकर राजस्थान सरकार के यू.डी.एच. मंत्री श्री झबर सिंह खर्रा को पुनः ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में बताया गया कि योजना की समस्त औपचारिकताएं पूरी होने और राशि जमा होने के बावजूद सत्ता परिवर्तन के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
संस्था ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इससे पूर्व भी मंत्री महोदय को इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय या कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे पत्रकारों में निराशा और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
पत्रकारों के हित में शीघ्र निर्णय की मांग

एसोसिएशन ने मंत्री से आग्रह किया है कि पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए चन्द्रेसल पत्रकार आवासीय योजना की लॉटरी शीघ्र खोली जाए और पात्र पत्रकारों को भूखण्डों का आवंटन किया जाए। संगठन का कहना है कि पत्रकार समाज लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उनके लिए घोषित योजनाओं को लंबित रखना न्यायोचित नहीं है।
संस्था को आशा है कि राजस्थान सरकार पत्रकारों के प्रति सहयोगात्मक रुख अपनाते हुए इस लंबित योजना पर सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे पत्रकारों को उनका अधिकार मिल सकेगा।






