कोटा शहर के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित महालक्ष्मीपुरम वेलफेयर सोसाइटी में लाखों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोसाइटी फंड में करीब 80 लाख रुपये की हेराफेरी और दुरुपयोग के आरोप में पुलिस ने सोसाइटी के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से शहरभर में हड़कंप मच गया है और आवासीय सोसाइटी प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस अधीक्षक कोटा शहर तेजस्वनी गौतम (आईपीएस) ने बताया कि वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रकरण संख्या 396/2025 में यह गिरफ्तारी की गई है। परिवादिया द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोसाइटी के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) का गलत इस्तेमाल करते हुए ओवरड्राफ्ट (ओडी) लोन लिया। इसके बाद इस राशि को निजी उपयोग में लाने के लिए कैश निकासी की गई और कुछ रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि लेन-देन को छिपाने के लिए खातों का जटिल तरीके से उपयोग किया गया।
पुलिस ने बैंक खातों की गहन जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आरोपियों की भूमिका को प्रमाणित पाया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चार दिन का पुलिस रिमांड स्वीकृत किया गया है।
फिलहाल पुलिस गबन की गई पूरी राशि की बरामदगी, धन के उपयोग और संभावित अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे में और भी खुलासे हो सकते हैं। इस मामले ने सोसाइटी सदस्यों के बीच चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






