(प्रतीकात्मक इमेज)
कोटा।कोटा रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने एक नाबालिग लड़का और नाबालिग लड़की को पकड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लड़के ने शादी का झांसा देकर लड़की को घर से भगाया और कोटा लेकर आया। यहां पहुंचने के बाद उसने शादी के लिए लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। लड़की ने इसका विरोध करते हुए पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला सामने आया।
रेलवे पुलिस की सूचना पर दोनों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया। बाल कल्याण समिति के सदस्य ऋषभ कुमार जैन ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों की उम्र 17 वर्ष है। समिति ने दोनों के बयान दर्ज किए और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती
लड़की ने अपने बयान में बताया कि अक्टूबर महीने में उसकी लड़के से इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती हुई थी। बातचीत के दौरान लड़के ने खुद को अलग पहचान में पेश किया और धीरे-धीरे शादी की बात करने लगा। भरोसा जीतने के बाद वह लड़की को अपने साथ कोटा ले आया।
कोटा पहुंचते ही बदली सच्चाई
लड़की के अनुसार, कोटा पहुंचने के बाद लड़के ने खुलासा किया कि वह मुस्लिम है और शादी के लिए उसे धर्म परिवर्तन करना होगा। इस बात से लड़की हैरान रह गई, क्योंकि लड़के ने पहले कभी अपनी पहचान या धर्म के बारे में सही जानकारी नहीं दी थी। लड़की ने इसे धोखा बताते हुए विरोध किया और पुलिस से मदद मांगी।
फर्जी नामों से सोशल मीडिया पर जाल
जांच के दौरान जब लड़के का मोबाइल चेक किया गया, तो सामने आया कि उसने इंस्टाग्राम पर अलग-अलग नामों से कई आईडी बना रखी थीं। इन आईडी के जरिए वह अलग-अलग लड़कियों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था। यह तथ्य सामने आने के बाद पुलिस और बाल कल्याण समिति ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
मां को दी गई सूचना
बाल कल्याण समिति के सदस्य ऋषभ कुमार जैन ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर लड़की की मां भी कोटा पहुंच गई है। फिलहाल दोनों नाबालिगों को समिति की निगरानी में रखा गया है और उनके भविष्य व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सतर्क रहने की अपील
यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ते फर्जी प्रेम संबंधों और नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ठगी या धोखे का शिकार बनाने की गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। पुलिस और प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।






