उत्तराखंड में पारंपरिक लोक खेलों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। खेल महाकुंभ-2025 में पहली बार कंचा खेल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के रूप में शामिल किया गया है। यह प्रतियोगिता मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत आयोजित की जाएगी।
एक समय था जब कंचा खेलना बच्चों के लिए डांट का कारण बनता था, लेकिन अब यही खेल प्रदेश में पहचान और सम्मान दिलाने वाला बनने जा रहा है। खेल महाकुंभ-2025 में कंचा खेल के विभिन्न पारंपरिक प्रारूपों जैसे टीपा, लाइन हिट सहित अन्य विधाओं में मुकाबले कराए जाएंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोक खेलों को बढ़ावा देना और ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है। राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता में प्रदेश के दूर-दराज़ के गांवों से खिलाड़ी भाग लेंगे, जिससे नई और छुपी हुई प्रतिभाएं सामने आएंगी।
सरकार ने इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। खेल विशेषज्ञों और आयोजकों का मानना है कि इससे न केवल बच्चों और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिलेगी।
खेल महाकुंभ-2025 में कंचा खेल की यह एंट्री साबित करती है कि अब लोक खेल भी आधुनिक खेलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेंगे।






