कोटा/शहरी सेवा शिविर–2026 के तहत आज का दिन कच्ची बस्तियों में निवास करने वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा कच्ची बस्ती नियमन के अंतर्गत 70 पट्टे जारी किए गए, जिससे पात्र परिवारों को अपने आवास पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ। इसके साथ ही विभिन्न श्रेणियों के 133 प्रकरणों का निस्तारण किया गया तथा ₹102.62 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
आज की कार्यवाही में कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत 21 पट्टे भी जारी किए गए। इसके अतिरिक्त 27 लीज मुक्ति प्रमाण पत्र, 8 नामांतरण, 5 भवन मानचित्र, 2 भू-उपयोग परिवर्तन तथा 3 स्वप्रेरणा से 90-ए भूमि संपरिवर्तन प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि शहरी सेवा शिविरों का उद्देश्य केवल लंबित प्रकरणों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों को उनके अधिकार समय पर उपलब्ध कराना भी है। इसी सोच के साथ शिविरों में सभी शाखाओं के अधिकारी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।
KDA सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि शिविरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिकों को मौके पर ही सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे प्रकरणों के निस्तारण में तेजी आने के साथ आमजन का विश्वास भी बढ़ा है।
शिविर के दौरान नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य भी जारी रहे। आज 18 सीवर कनेक्शन स्वीकृत किए गए। इसके अलावा 700 वर्गमीटर सीसी सड़क की मरम्मत, 310 रनिंग मीटर नाला-नाली सुधार, 35 फेरो सीमेंट कवर लगाए गए, 2 सीवर मेनहॉल कवर लगाए गए तथा 250 वर्गमीटर प्रमुख चौराहों एवं डिवाइडरों पर सुधार कार्य किए गए।
आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने शहरवासियों से अपील की कि वे 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविरों में पहुंचकर राज्य सरकार द्वारा दी जा रही राहत एवं सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।






