Sunday, August 23, 2026
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महिला डिब्बे में यात्रा करना पुरुष यात्रियों को पड़ेगा महंगा,अब ढाई हजार रुपए तक जुर्माना

कोटा। भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा,सम्मान और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में नियमों को और सख्त किया है। महिला आरक्षित डिब्बों (लेडीज कोच) में अनधिकृत यात्रा रोकने के लिए अब बिना अनुमति यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों पर पहले की तुलना में अधिक जुर्माना लगाया जाएगा। नए जनविश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 लागू होने के पर ऐसे मामलों में मौके पर ही ढाई हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसम्पर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि महिला डिब्बों की व्यवस्था महिलाओं को सुरक्षित,सहज और सम्मानजनक यात्रा वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। इसी प्रतिबद्धता के तहत महिला सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर निगरानी और कार्रवाई दोनों को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कई बार सामान्य डिब्बों में भीड़ या जल्दबाजी के कारण पुरुष यात्री महिला आरक्षित कोच में चढ़ जाते हैं,लेकिन महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे में अनधिकृत प्रवेश नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और इस पर कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे का कहना है कि रेलवे सुरक्षा बल टिकट जांच स्टाफ और अन्य कर्मचारी समय-समय पर महिला डिब्बों में विशेष जांच अभियान चलाते हैं। महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा अनुभव देना उसकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से महिला सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। महिला डिब्बे में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे महिला यात्री के साथ महिला आरक्षित डिब्बे में यात्रा कर सकते हैं। यह रेलवे नियमों में स्पष्ट रूप से अनुमति दी गई है।

मौके पर जुर्माना,टिकट भी हो सकता है जब्त

संशोधित प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में मौके पर ही ढाई हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही संबंधित यात्री का टिकट या पास जब्त किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर रेलवे कर्मचारी या सुरक्षा बल यात्री को महिला डिब्बे से बाहर भी कर सकते हैं।

यात्रियों से अपील

रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले कोच पर अंकित श्रेणी और आरक्षण संकेत देखने तथा निर्धारित श्रेणी में ही यात्रा करने की अपील की है, ताकि महिलाओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा वातावरण बनाए रखा जा सके।

धारा 162 में कार्रवाई का प्रावधान

रेलवे अधिनियम,1989 की धारा 162 के अनुसार यदि कोई पुरुष यात्री यह जानते हुए कि कोच,सीट,बर्थ या कंपार्टमेंट महिलाओं के लिए आरक्षित है,उसमें प्रवेश करता है, यात्रा करता है या ट्रेन के गार्ड के निर्देश के बावजूद स्थान खाली नहीं करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

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