क्यों लूटी जा रही है विरासत कर्षि भूमी सरकारी संरक्षण में दबंगों द्वारा कोई सुनवाई नही
सच में आप बीती बात
अंग्रेजों की गुलामी दौरान भारत में राजाओं की अनेक रियासतों में थी एक कोटा स्टेट महकमा खास बात है सन् 1908 तथा सन् 1909 की जब वर्तमान बारां जिला भी कोटा जिला में शामिल थी- बांरा जिले की अटरू तहसील में पडता हे गांव मून्डला में हमारे दादा श्री रामनाथ व श्यामनाथ पुत्र किशन लाल कोम ब्राह्मण दाधीच,पता हल्दियान की ब्रह्मपुरी कोटा निवासी को जागीर में दी गई 25 बीघा कर्षि भूमी निजि-मिलकियत वंशानुगत भरण-पोषण की आजिविका का साधन कोटा स्टेट से प्राप्त हुआ ।
सन् 1948 में खातेदार श्यामनाथ का देहांत पश्चात वैधानिक वंशानुगत वारिसान प्रभूलाल पुत्र श्यामनाथ का नाम जरिए नामांतरण दर्ज हुआ तथा सन् 1958 में खातेदार रामनाथ के देहांत पश्चात वैधानिक वंशानुगत वारिसान गोपीलाल व जगन्नाथ पुत्र रामनाथ का नाम जरिए नामांतरण दर्ज हुआ तथा सन् 1982 में खातेदार गोपीलाल के देहांत पश्चात वैधानिक वंशानुगत वारिसान हरिश्चंद्र देवकीनन्दन रामकल्याण सत्यनारायण दुष्यंत कुमार पुत्र प्रभावित पुत्री बैवा बिरधीबाई पत्नि स्व.गोपीलाल का नाम जरिए नामांतरण संख्या 12 दिनांक 18/3/1993 को खातेदार जगन्नाथ पुत्र रामनाथ प्रभूलाल पुत्र श्यामनाथ हरिश्चंद्र देवकीनन्दन रामकल्याण सत्यनारायण दुष्यंत कुमार पुत्र प्रभावित पुत्री बैवा बिरधीबाई पत्नि गोपीलाल की खातेदारी में खसरा नम्बर 324/328/341/
327-1272/329-1273/328-1274 रकबा 25 बीघा खातेदारी राजस्व रिकार्ड पर दर्ज उपरांत उक्त विरासत पैतृक आराजियत संयुक्त परिवार अविभाजित ईश्वरीय प्रदत्त विधान तथा हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम अधीन धारा 22 के तहत प्राप्त संवैधानिक अधिकार अधीन मृतक खातेदार से संबंधित वैधानिक वंशानुगत वारिसान की निजि-मिलकियत काबिज काश्त में चली आ रही है को एक वकील लक्ष्मी चन्द गोत्तम मून्डला/ अटरू मंडल कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा रचाये गये षडयंत्र में स्थानीय उप जिलाधीश फूल चन्द सैनी अटरू भी शामिल होकर हमारी सम्पूर्ण विरासत पैतृक आराजियत संयुक्त परिवार अविभाजित निजि-मिलकियत से वंचित कर किया जाकर क्यों राजस्व रिकार्ड पर दर्ज की लक्ष्मी चन्द गोत्तम वकील के काका धन्नालाल पुत्र हीरालाल कोम ब्राह्मण गोत्तम ग्राम मून्डला के नाम पर आखिर क्यों पहुंचाया जा रहा असीमित आर्थिक नुकसान विगत कई वर्षों से वकील लक्ष्मी चन्द गोत्तम व महावीर पुत्र धन्नालाल द्वारा सिकमी काश्तकार नरेन्द्र मीणा पुत्र रामलाल मून्डला को नाजायज अतिक्रमण करवाकर अनाधिकृत बिना भूमी मालिक की सहमति लिए कब्जादारी बनाए रखकर लम्बें समय से भूमी के वास्तविक मालिकों के वैधानिक वंशानुगत पारिवारिक वारिसानों की मानसिक पारिवारिक जीवन की शांति भंग कर परेशान खडी कर पुश्तैनी खेत पर काम किये जाने पर कठिनाई में राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन रिट पिटीशन नम्बर 1038/2008 धन्नालाल पुत्र हीरालाल विरुद्ध न्यायालय राजस्व मंडल अजमेर तथा न्यायालय उप जिलाधीश अटरू तथा विरासत पैतृक हित बद्ध खातेदार बैवा बिरधीबाई पत्नी स्व.गोपीलाल पुत्र स्व.रामनाथ हाल निवास हल्दियान की ब्रह्मपुरी रामपुरा कोटा की निजि-मिलकियत को हडपने कर वंशानुगत वैधानिक वारिसानों के हित बद्ध हितों के हिस्सो से उन्हैं वंचित कर नुकसान पहुंचानें में कौन-कौन है जिम्मेदार
न्यायिक जांच के लिए देश के मुख्य न्यायाधीश महोदय भारत सरकार नयी दिल्ली तथा प्रधान मंत्री महोदय भारत सरकार नयी दिल्ली तथा राजस्थान राज्य के मुख्य न्यायाधीश महोदय हाईकोर्ट जयपुर-तथा राजस्थान के मुख्य मंत्री महोदय के नाम खुला पत्र
देवकीनन्दन दाधीच सह हित बद्ध खातेदार विरासत भूमी स्थित ग्राम मून्डला तहसील अटरू जिला बांरा राजस्थान मोबाइल नंबर 6350185989





