कोटा/कबीर पारख संस्थान के सभागार में ‘मायड़ भाषा साहित्य सृजन मंच’ बूढा़दीत एवं ‘राष्ट्रीय समरस रचनाकार प्रगति मंच’ बूढा़दीत ( हाड़ौती अंचल) की ओर से प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर गरिमामयी काव्यगोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध कवि- साहित्यकार श्री मुकुट मणिराज ने की। मुख्य अतिथि पूज्य संत प्रभाकर साहेब, विशिष्ट अतिथि श्री के बी भारतीय, श्री महेन्द्र नेह, श्री किशन वर्मा थे। इस अवसर पर सी एल सांखला को उनके जन्मदिन के अवसर पर सम्मानित भी किया गया।
काव्यगोष्ठी का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।कवि दुर्गाशंकर बैरागी द्वारा हाड़ौती में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
इस काव्यगोष्ठी में कोटा संभाग के कईं बड़े कवि एवं साहित्यकार सम्मिलित हुए। गोष्ठी में काव्यपाठ करने वाले कवियों में पं. लोकनारायण शर्मा,गोरस प्रचण्ड, सुरेश पंडित,देवकी दर्पण, रविन्द्र बीकावत,सुरेश वैष्णव,आर सी आदित्य, नंदसिंह पंवार, डा. नंदकिशोर महावर, किशन प्रणय,योगेश यथार्थ,तेजकरण यादव,चौथमल प्रजापति,घासीलाल पंकज , जगन्नाथ मेहरा, सुश्री ममता महक सत्यप्रकाश गोतम, मनीष मेहरा, मनीष गोतम, जैसे अनेक साहित्यिककार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने अपने उद्बोधन के साथ काव्य पंक्तियां प्रस्तुत की। सुविख्यात कवि मुकुट मणिराज की कविता ने सबको भावविभोर कर दिया। काव्यगोष्ठी का कुशल संचालन विख्यात कवि राजेन्द्र पंवार एवं कवि आर सी आदित्य ने किया।
अंत में कार्यक्रम संयोजक श्री आर. सी.आदित्य ने सभी का आभार व्यक्त किया।








