Friday, September 4, 2026
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ट्रेन से कटा अवैध वेंडर – मोडक की घटना

कोटा। मोडक रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक अवैध वेंडर ट्रेन से कट गया। झालावाड़ जीआरपी ने मंगलवार को पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया।जीआरपी ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने वाले का नाम बालाराम (31) पुत्र गोविंद खेड़ा था। यह मध्य प्रदेश जिला मंदसौर भानपुरा का रहने वाला था। अभी यह दरा में रह रहा था। जीआरपी ने बताया कि यह घटना शाम करीब 5 बजे बांद्रा-हरिद्वार देहरादून ट्रेन से प्लेटफार्म पर हुई है। बालाराम भी इसी ट्रेन में सफर कर रहा था। बालाराम के पास मेघनगर से दरा तक का सामान्य श्रेणी का टिकट मिला है। जल्दबाजी में चलती ट्रेन से उतरते समय बालराम का संतुलन बिगड़ गया। इसके चलते बालाराम प्लेटफार्म के नीचे रेल पटरी पर जा गिरा। ट्रेन की चपेट में आने से बालाराम की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर परिजन और जीआरपी भी मौके पर पहुंच गई। बाद में जीआरपी ने बालाराम का शव मोडक सरकारी अस्पताल में रखवाया।

कोटा-रतलाम के बीच अवैध वेंडिंग

सूत्रों ने बताया कि बलराम कोटा-रतलाम के बीच कई ट्रेनों में अवैध वेंडिंग करता था। हालांकि घटना वाले दिन यह अवैध वेंडिंग नहीं कर रहा था। बालाराम दरा में मौजूद गोलू नाम के व्यक्ति के लिए वैध वेंडिंग करता था। गोलू वही व्यक्ति है जिसे सीबीआई ने रामगंजमंडी आरपीएफ को रिश्वत देने के मामले में गिरफ्तार किया था। 3 महीने जेल में रहने के बाद गोलू की जमानत हुई थी। गोलू के खिलाफ अभी भी अवैध वेंडिंग का केस चल रहा है।

पहले भी कट चुके हैं ट्रेन से

अवैध वेंडर के ट्रेन की चपेट में आकर मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई अवैध वेंडरों की मौत ट्रेन से कटकर हो चुकी है। 28 मार्च को ही जीतू लंगड़ा नाम के एक बंदर की मौत रतलाम में ट्रेन से कटकर हुई थी। जीतू भी कोटा-रतलाम के बीच अवैध वेंडिंग करता था। जीतू काफी समय तक कोटा में भी रहा था। इससे पहले अप्रैल-2023 में एक अवैध वेंडर ने पिट लाइन पर खड़ी ट्रेन में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी।

अभी भी अवैध वेल्डर -कोटा रेल मंडल में अभी भी बड़ी संख्या में अवैध वेंडर चल रहे हैं। कोटा-रतलाम के बीच भी अवध और देहरादून सहित कई ट्रेनों में दर्जनों वेंडरों को रोजाना आसानी से देखा जा सकता है। अगर किसी को नजर नहीं आते तो वह है कोटा मंडल रेल प्रशासन। जिसने अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है। इसके चलते इसे अपनी नाक के नीचे कोटा स्टेशन पर चलने वाले वेंडर अवैध वेंडर भी नजर नहीं आते। यह हालात तो तब है जब कोटा स्टेशन पर अवैध वेंडिंग को लेकर दो गुटों में फायरिंग तक हो चुकी है।

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